डूंगरगढ़ one 10 जनवरी, 2026 श्रीडूंगरगढ़। पूनरासर धाम के पुजारी परिवार से जुड़े स्वर्गीय अमरचंद बोथरा ने अपने निधन के बाद नेत्रदान कर मानवता की मिसाल पेश की। वे स्व. कुशलचंद बोथरा के पुत्र थे। परिजनों की सहमति से किया गया यह नेत्रदान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिससे दो नेत्रहीन व्यक्तियों को दृष्टि मिलने की संभावना बनी है।
इस पुनीत कार्य के लिए धर्मपत्नी अमराव देवी बोथरा एवं भाई धर्मचंद बोथरा ने सहमति प्रदान की। नेत्रदान के लिए विजयराज सेठिया एवं अशोक झाबक की विशेष प्रेरणा रही। नेत्रदान संयोजक अशोक झाबक के निर्देशन में पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई गई।
अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के निर्देशन में इस कार्य में स्थानीय परिषद की टीम का सराहनीय सहयोग रहा। टीम में अध्यक्ष विक्रम मालू, मंत्री पीयूष बोथरा, उपाध्यक्ष प्रथम चमन श्रीमाल, कोषाध्यक्ष दीपक छाजेड़ एवं सहमंत्री मोहित बोर्ड शामिल रहे।
नेत्र संकलन का कार्य प्राणनाथ हॉस्पिटल, सरदारशहर के चिकित्सक डॉ. भंवरलाल प्रजापत एवं डॉ. दिनेश शर्मा के सहयोग से किया गया।
इस अवसर पर पूनरासर पुजारी परिवार सहित भंवरलाल दुगड़, चंदनमल बोथरा, मुकेश बोथरा, भरत बोथरा, अंकित झाबक, प्रवीण सेवग, जगदीश सोमानी, राजकुमार एवं संतोष का भी सहयोग रहा।
स्थानीय परिषद ने बताया कि क्षेत्र में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में परिषद लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है और स्वर्गीय अमरचंद बोथरा का यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।