आंदोलन की राह आसान नहीं थी। सोमवार को टोल प्लाजा से बैरीकेटिंग हटाने की घटना के बाद, जसरासर थाने में एएसआई रविन्द्र सिंह ने 9 नामजद नेताओं और 4-5 अन्य लोगों के खिलाफ तोड़फोड़ और मारपीट का मामला दर्ज कराया था। इस घटना के बाद आंदोलनकारियों में आक्रोश और बढ़ गया और आंदोलन में लोगों की भागीदारी और भी अधिक बढ़ गई।
सूत्रों के अनुसार, आंदोलनकारियों के मजबूत इरादों को देखते हुए, पुलिस और प्रशासन ने मामले में हस्तक्षेप किया और टोल प्लाजा प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच मध्यस्थता कराई। मंगलवार देर रात लगभग 12 बजे, दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया।
समझौते के अनुसार, टोल प्लाजा के पास स्थित पांच गांव – लालमदेसर छोटा, लालमदेसर बड़ा, साधासर, उत्तमादेसर और कुचौर आथुणी – के सभी चारपहिया वाहन पूरी तरह से टोल मुक्त रहेंगे। इसके अतिरिक्त, लिखमीसर दिखणादा, मसूरी, बिदासरिया और कुचौर अगुणी जैसे दूर के गांवों के चारपहिया वाहनों के लिए 300 रुपये प्रति माह का मासिक पास उपलब्ध होगा। टोल प्लाजा से 15 किलोमीटर की दूरी के भीतर स्थित सभी गांवों के चार पहिया वाहनों के लिए 700 रुपये मासिक का पास बनाने पर भी सहमति बनी है।
मांगें माने जाने के बाद, ग्रामीणों और आंदोलनकारियों में खुशी की लहर दौड़ गई और उन्होंने उत्सव मनाते हुए आंदोलन को समाप्त कर दिया।
समझौता वार्ता में श्रीडूंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया, कांग्रेस नेता हरिराम बाना, विवेक माचरा, राजेन्द्र मेघवाल, नोखा प्रधान प्रतिनिधि आत्माराम तर्ड, साधासर पूर्व सरपंच प्रतिनिधि रामकिशन तर्ड, मगनाराम केडली, कुचौर पूर्व सरपंच रामनिवास रिंटोड़, गोपाल रिंटोड़, कुचौर अगुणी के धन्नाराम फौजी, लालमदेसर छोटा से सांवताराम, बड़ा से मालाराम, मसूरी से संग्रामसिंह हुड्डा, पूर्व सरपंच नत्थाराम मेघवाल, राजू पोटलिया, प्रेम हुड्डा, अर्जुनराम बेनीवाल, साधासर से पूर्व सरपंच भंवरलाल तर्ड, रामचंद्र नाथ तर्ड, केसूराम तर्ड, उत्तमादेसर से विजयपाल तर्ड, मोहनलाल गोदारा, श्यामसुंदर विश्नोई, छात्रनेता अशोक बुडिया आदि शामिल थे। प्रशासन की ओर से एडिशनल एसपी कैलाशदान सांदू, सीओ नोखा हिमांशू शर्मा, एसडीएम नोखा गोपाल जांगीड़, तहसीलदार जसरासर गौरव छींपा, एसएचओ जसरासर रामकेश मीणा, सड़क विभाग के सहायक अभियंता और टोल प्लाजा के प्रबंधक ने भाग लिया।
उधर, टोल प्लाजा पर सोमवार को हुई सभा के दौरान टोल फ्री करने पर सहमति न बनने पर आंदोलनकारियों द्वारा बैरिकेडिंग हटाने के मामले में मंगलवार को जसरासर थाने में पूर्व मंत्री गोविंदराम मेघवाल, पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया, पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा, युवा नेता विवेक माचरा, रामिनवास कुकणा, राजेन्द्र मेघवाल, नीरू चौधरी, आत्माराम तर्ड और मगनाराम केडली के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इन सभी पर टोल प्लाजा पर कब्जा करने, राजमार्ग को बाधित करने, कर्मचारियों के साथ मारपीट करने और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।