श्रीडूंगरगढ़, 18 नवंबर, 2025। शिक्षा विभाग में इन दिनों गहमागहमी का माहौल है। विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम, 2026 के अंतर्गत क्षेत्र के सभी विद्यालयों के कार्मिकों को बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) की सहायता के लिए नियुक्त करने का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश मंगलवार को सभी यूसीईओ (उच्च प्राथमिक शिक्षा अधिकारी) और पीईईओ (प्राथमिक शिक्षा एवं पंचायती राज अधिकारी) को प्रेषित किया गया।
बताया जाता है कि यह निर्णय बीते रविवार को सभी शिक्षकों को बीएलओ की सहायता के लिए नियुक्त किए जाने के बाद लिया गया है। इस नए आदेश ने कार्मिकों के बीच अप्रसन्नता का माहौल पैदा कर दिया है।
शिक्षकों का कहना है कि 20 नवंबर से 2 दिसंबर तक अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं होनी हैं। इस बार परीक्षाएं एक महीने पहले आयोजित की जा रही हैं, जिससे पाठ्यक्रम भी अधूरा रह गया है। शिक्षकों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के चलते पहले भी बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई है।
शिक्षकों ने इस आदेश को अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि इस तरह के आदेशों के चलते विद्यालयों का सुचारू रूप से संचालन कैसे हो पाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या समस्त कार्मिकों के एसआईआर में लगने पर बुधवार को सभी विद्यालय बंद रखे जाएंगे? शिक्षकों ने यह भी कहा कि कल केवल कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए अवकाश है, परंतु कक्षा 1 से 5 और 1 से 8 तक के विद्यार्थी किसके भरोसे विद्यालय आएंगे?
एक पीईईओ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पहले बीएलओ, फिर सहायक बीएलओ और अब सभी कार्मिकों को इस तरह के आदेशों से पाबंद किया जा रहा है। कार्मिकों का कहना है कि शिक्षा सचिव के आदेशानुसार 33 प्रतिशत से अधिक शैक्षिक स्टाफ को एसआईआर में नहीं लगाया जा सकता है। सचिव के आदेश में परीक्षा केंद्राधीक्षक को भी इस कार्य से मुक्त रखने का निर्देश है।
सूत्रों के अनुसार, कुछ शिक्षक नेताओं ने इन आदेशों की अवहेलना पर नाराज़गी जताते हुए जयपुर तक शिकायत भेजी है। अब देखना यह है कि इस मामले में आगे क्या होता है और शिक्षा विभाग इस पर क्या निर्णय लेता है।