संघ के व्यवस्थापकों के अनुसार, यह यात्रा पिछले पंद्रह वर्षों से चली आ रही एक परंपरा का हिस्सा है। पदयात्री बाबा रामदेवजी महाराज की समाधि पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बाद वापस लौटेंगे। यात्रा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
कल सुबह, संघ एक शोभा यात्रा के रूप में गांव के मुख्य मार्गों से गुजरेगा। इस दौरान, यात्रियों के लिए चाय, नाश्ता और भोजन की व्यवस्था की गई है। साथ ही, उनकी स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, मेडिकल सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी। इस यात्रा को लेकर गांव में उत्साह का माहौल है और हर तरफ भक्ति की भावना का संचार हो रहा है। यह यात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामुदायिक एकता और सद्भाव का भी संदेश देती है।