श्रीडूंगरगढ़, 22 अगस्त 2025: बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी खबर है। प्रदेश में स्मार्ट मीटरों को लेकर मचे घमासान के बीच, सरकार की बिजली कंपनी डिस्कॉम ने अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। स्मार्ट मीटर लगाए जाने के खिलाफ उठ रही आवाजों ने आखिरकार सरकार को सोचने पर मजबूर कर दिया।
दरअसल, प्रदेश भर में बिजली के पारंपरिक मीटरों को स्मार्ट मीटरों से बदलने की योजना का पुरजोर विरोध हो रहा था। धीरे-धीरे, यह विरोध एक जन आंदोलन का रूप लेने लगा। आम आदमी इस मुद्दे पर एकजुट हो गया और अपनी आवाज बुलंद करने लगा। विपक्षी दल कांग्रेस ने भी इस विरोध को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बना लिया।
श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में, किसानों ने पूर्व विधायक के नेतृत्व में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का कहना था कि स्मार्ट मीटर उनकी आर्थिक स्थिति पर बोझ डालेंगे।
इस बढ़ते दबाव को देखते हुए, सरकार ने अब नॉन-स्मार्ट मीटर लगाने की स्वीकृति दे दी है। डिस्कॉम की चेयरमैन आरती डोगरा ने इस संबंध में संशोधित आदेश जारी किए हैं।
आदेशों के अनुसार, स्मार्ट मीटर अब केवल उन्हीं फीडरों पर लगाए जाएंगे जहाँ स्मार्ट मीटर लगाने का काम चल रहा है या पूरा हो चुका है। इन क्षेत्रों में भी, नए कनेक्शन के लिए ही स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। बाकी सभी क्षेत्रों में, डिस्कॉम पहले की तरह पारंपरिक मीटरों का ही उपयोग करेगा।
जिन फीडरों पर स्मार्ट मीटर लगाने का काम अभी शुरू नहीं हुआ है, वहाँ संबंधित डिस्कॉम नॉन-स्मार्ट मीटर ही लगाएगा।
यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पहले के नियमों के अनुसार, सभी एसडीओ में एएमआईएसपी (AMISP) द्वारा नए कनेक्शन केवल स्मार्ट मीटर के साथ ही जारी किए जाने थे।
यह घटनाक्रम दर्शाता है कि जनता की आवाज और विरोध प्रदर्शनों का सरकार की नीतियों पर कितना गहरा असर हो सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बदलाव के बाद, स्मार्ट मीटर को लेकर जनता का रुख क्या रहता है और भविष्य में इस योजना का स्वरूप कैसा होता है।