मंगलवार को एक विशेष कार्यक्रम में क्षेत्र के लिए 663 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक पेयजल परियोजना की घोषणा की गई। इस परियोजना के लिए एक्सईएन कार्यालय का गठन किया गया है, जिससे कार्य को गति मिलने की उम्मीद है।
विधायक ताराचंद सारस्वत ने मंगलवार दोपहर लोक सेवा केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों के साथ परियोजना की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत क्षेत्र के 108 गांवों, ढाणियों और श्रीडूंगरगढ़ शहरी क्षेत्र को लाभ मिलेगा। परियोजना का कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा।
पहले चरण में 285 करोड़ रुपये की लागत से 1916 एमएल का रॉ वाटर डैम, 1865 केएलएच क्षमता का फिल्टर प्लांट और कंवरसेन लिफ्ट कैनाल से 40 क्यूसेक पानी प्राप्त करने की सुविधा का निर्माण किया जाएगा। दूसरे चरण में 372 करोड़ रुपये की लागत से 44 उच्च जलाशयों, 15 स्वच्छ जलाशयों का निर्माण, 14 पंपिंग स्टेशनों की स्थापना और नहरबंदी के समय 30 दिन का पानी सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त स्टोरेज क्षमता का कार्य पूरा किया जाएगा। परियोजना को 20 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
क्षेत्र में भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है, जिसके कारण नहरी पानी की मांग और भी तेज हो गई थी। विधायक सारस्वत ने बताया कि उन्होंने चुनाव के दौरान हर घर में पेयजल पहुंचाने का वादा किया था, जिसे उन्होंने विधानसभा सत्र में भी पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर इस दिशा में कदम नहीं उठाए गए तो गांव खाली हो जाएंगे।
सारस्वत ने भाजपा सरकार, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और जल मंत्री कन्हैयालाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए उनकी मांग को सुना और केंद्र व राज्य सरकार द्वारा मिलकर इसे पूरा करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने डबल इंजन सरकार की सराहना करते हुए क्षेत्र की जनता की ओर से आभार जताया।
इस अवसर पर पालिकाध्यक्ष मानमल शर्मा सहित अनेक भाजपा कार्यकर्ता और नेता उपस्थित थे। शर्मा ने क्षेत्र की जनता की ओर से विधायक सारस्वत का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें क्षेत्र का भागीरथ बताया। उन्होंने कहा कि बरसों से नहरी पानी की आस लगाए बैठे लोगों का सपना विधायक के सतत प्रयासों से अब जाकर पूरा हो सकेगा।
डेलवां के भाजपा कार्यकर्ता सीताराम सोनी ने बताया कि दशकों का इंतजार पूरा होगा और यह परियोजना क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। देहात मंडल अध्यक्ष महेंद्रसिंह और मोमासर मंडल अध्यक्ष नरेश मोट ने विधायक और सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियां भी इस कार्य को याद रखेंगी।