ये बातें शिक्षा विभाग के पूर्व सहायक निदेशक और साइबर एंबेसडर पल्लव मुखर्जी ने कहीं। वे शनिवार को ताल मैदान स्थित पीएम श्री राउमावि में यूथ एवं इको क्लब द्वारा आयोजित “साइबर थ्रेड्स सिक्योरिटी अवेयरनेस एंड साइबर हाइजीन” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला में बोल रहे थे।
मुखर्जी ने प्रोजेक्टर के माध्यम से डीप फेक और डिजिटल लॉक के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अभिभावकों और बच्चों के बीच संबंधों को और अधिक मजबूत करने की बात कही। उन्होंने फिशिंग, पहचान चोरी, रैंसमवेयर, मेलवेयर जैसे साइबर अपराधों से बचाव के तरीकों पर प्रकाश डाला। उन्होंने अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने, ऑनलाइन पोर्टल, हेल्पलाइन, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया। साइबर जासूसी, साइबर पुलिसिंग, वेबकैम को ढककर रखने और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फोटो अपलोड न करने जैसे विषयों पर भी उन्होंने जानकारी दी।
मुखर्जी ने वर्तमान में हो रही साइबर ठगी के बारे में वीडियो के माध्यम से उदाहरण दिए। उन्होंने पोर्टल, शिकायत नंबर और पुलिस को शिकायत करने के तरीकों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध की कोई भौतिक सीमा नहीं होती और डिजिटल अरेस्टिंग जैसी कोई व्यवस्था अभी तक लागू नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस युग में आपकी फोटो और डिजिटल संपत्ति किसी भी रूप में सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई भी अप्रिय घटना होने पर घबराएं नहीं, बल्कि डटकर सामना करें और शिकायत करने के लिए तत्पर रहें।
कार्यशाला में राबाउमावि की छात्राओं सहित 315 विद्यार्थियों ने भाग लिया। शाला परिवार ने पल्लव मुखर्जी और श्रीडूंगरगढ़ ONE की संपादक कपिला स्वामी का माल्यार्पण कर, अंग वस्त्र और प्रतीक प्रदान कर सम्मान किया। कार्यक्रम में उपप्राचार्य बालाराम मेघवाल, दीपक चौधरी, सोमेंद्र बैंस, प्राध्यापक विमला, भंवरलाल स्वामी, शुभकरण बिस्सू, वरिष्ठ अध्यापक सुखाराम रैगर, एल ई पी शिक्षक पंकज गौड़, केशव आसोपा और विद्यालय के अन्य शिक्षक उपस्थित थे।
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, नेशनल इनफॉर्मेशन सेंटर और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी द्वारा संयुक्त रूप से प्रायोजित और श्रीडूंगरगढ़ ONE के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में यूथ एवं इको क्लब प्रभारी डॉ. राधाकिशन सोनी ने भी साइबर सिक्योरिटी के संबंध में जानकारी साझा की। कार्यशाला के अंत में आयोजित प्रश्नोत्तरी में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 30 विद्यार्थियों को यूथ एवं इको क्लब की ओर से प्रमाणपत्र और पुरस्कार प्रदान किए गए। श्रीडूंगरगढ़ ONE की इस कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका रही, जिसने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।