श्रीडूंगरगढ़, 25 अगस्त 2025: राजस्थान की मिट्टी में रचे-बसे लोकदेवता वीर तेजाजी महाराज के प्रति आस्था का एक अनूठा रंग देराजसर गांव में देखने को मिला। गांव के लोगों ने एक साथ मिलकर सत्य और साहस के प्रतीक तेजाजी महाराज के भव्य मंदिर निर्माण का संकल्प लिया है।
देराजसर के मुख्य पेयजल कुआं चौपाल पर सोमवार को गांव के लोगों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह स्थान, जो सदियों से गांव की प्यास बुझाता आया है, आज आस्था और उम्मीद का केंद्र बन गया। यहां, ग्रामीणों ने आपसी सहमति से यह निर्णय लिया कि गांव में वीर तेजाजी महाराज का भव्य मंदिर बनाया जाएगा।
बैठक के बाद, तेजाजी के भक्त हेतराम भादू ने मंदिर स्थल पर विशेष पूजा-अर्चना की और पवित्र ध्वज की स्थापना की। यह दृश्य श्रद्धा और भक्ति से सराबोर था, मानो ध्वज स्वयं तेजाजी महाराज के आशीर्वाद का प्रतीक हो।
गांव के लोग यहीं नहीं रुके। उन्होंने यह भी निर्णय लिया कि 29 अगस्त को देराजसर से वीर तेजाजी के जन्मस्थान खरनाल के लिए एक पैदल यात्री संघ रवाना होगा। यह यात्रा न केवल तेजाजी के प्रति उनकी श्रद्धा का प्रमाण होगी, बल्कि यह देराजसर के लोगों को एक सूत्र में बांधने का भी काम करेगी।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर देराजसर ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच दानाराम भादू, देराजसर ग्रामसेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष लिखमाराम भादू, पूर्व उप-सरपंच महेश सारस्वत, शंकरदास स्वामी, भंवरलाल भादू, गोपालराम नाई, श्यामसुंदर सुथार, मोहनराम भादू, दिनेश कुमार बुच्चा, सुखाराम सियाग, गोपाल सियाग, रमेश लेघा, निम्बाराम मेघवाल, रामेश्वरलाल मेघवाल, ओमप्रकाश भादू, प्रेम भादू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। उनकी उपस्थिति इस बात का प्रमाण थी कि गांव के हर वर्ग और समुदाय के लोग इस मंदिर निर्माण के संकल्प में साथ हैं।
यह घटनाक्रम देराजसर के लोगों की एकता, संस्कृति और धार्मिक आस्था का प्रतीक है। यह न केवल एक मंदिर का निर्माण होगा, बल्कि यह एक ऐसे स्थल का निर्माण होगा जो आने वाली पीढ़ियों को सत्य, साहस और भाईचारे का संदेश देगा। यह एक ऐसा कदम है जो देराजसर को राजस्थान के मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के रूप में स्थापित करेगा।