सेरूणा थाने के हेड कांस्टेबल फतेहसिंह ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मुरारीलाल ने उदरासर निवासी डूंगरराम मेघवाल और प्रेमचंद ब्राह्मण के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। मुरारीलाल का कहना है कि उनका गांव में ‘जनसेवार्थ गोयल सेवा सदन’ नामक एक सेवा केंद्र है। उन्होंने इसी भवन के पास एक प्लॉट खरीदने का फैसला किया और आरोपियों से साढ़े नौ लाख रुपये में सौदा तय किया।
मुरारीलाल के अनुसार, जब वे गांव लौटे तो श्रवणराम ब्राह्मण ने दावा किया कि वह प्लॉट पहले ही खरीद चुके हैं। शिकायत में कहा गया है कि डूंगरराम और प्रेमचंद ने 23 जनवरी 2025 से 6 सितंबर 2025 के बीच इस भूखंड को पहले ही बेच दिया था, लेकिन इस तथ्य को छिपाकर मुरारीलाल को वही प्लॉट दोबारा बेच दिया और तहसील कार्यालय श्रीडूंगरगढ़ में विक्रय पत्र भी पंजीकृत करवा दिया।
मुरारीलाल का आरोप है कि इस धोखाधड़ी से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एएसआई महेंद्र सिंह को सौंप दी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है। ज़मीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े इस मामले ने क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना दिया है।