जेठूसिंह ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया है कि उनके गोद लिए भाई भंवरसिंह, जो कि मालसिंह राजपूत के दत्तक पुत्र हैं, ने अपने परिवार – जिसमें उनकी पुत्री कोमलकंवर, भाई देवीसिंह और देवीसिंह के पुत्र महेंद्रसिंह और नरेंद्रसिंह शामिल हैं – के साथ मिलकर उनके घर पर हमला किया।
पीड़ित जेठूसिंह के अनुसार, इस विवाद की जड़ में पारिवारिक संपत्ति का बंटवारा है। उन्होंने बताया कि बंटवारे के समय उन्होंने भंवरसिंह को दो लाख रुपये उधार दिए थे, जिसकी वसूली को लेकर दोनों भाइयों के बीच मनमुटाव चल रहा था। जेठूसिंह ने बताया कि उनकी दादी के देहांत के बाद जब बैठक हुई, तो भंवरसिंह और देवीसिंह वहां नहीं आए।
घटना की रात का मंजर भयावह था। जेठूसिंह, उनकी मां और बहन घर में खाना खा रहे थे, तभी रात के लगभग 11 बजे आरोपी लाठियों से लैस होकर घर में घुस आए। जेठूसिंह का आरोप है कि उन्होंने गालियां दीं, जान से मारने की धमकी दी और फिर उन पर हमला कर दिया। जब उन्होंने विरोध किया तो आरोपियों ने उन्हें घेरकर लाठियों से पीटा और घायल कर दिया। उनकी बहन ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उसके साथ भी मारपीट की गई, और उनकी मां के साथ गाली-गलौज की गई।
जेठूसिंह ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी उनकी दादी का सोने का टेवटा, जिसका वजन लगभग 5 भरी था, और 75 हजार रुपये नकद भी लूट ले गए। उन्हें घर से बाहर तक घसीटा गया, और जब उनके छोटे भाई नारायणसिंह और उनकी पत्नी ने शोर सुनकर हस्तक्षेप किया, तो उन्हें भी जान से मारने की धमकी दी गई।
घायल जेठूसिंह को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें पीबीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत दर्ज कर ली है और जांच हेड कांस्टेबल बलवीरसिंह को सौंप दी गई है।
यह घटना न केवल एक आपराधिक मामला है, बल्कि पारिवारिक रिश्तों में आई दरार और समाज में व्याप्त तनाव को भी उजागर करती है। पुलिस अब इस मामले की तह तक जाकर सच्चाई का पता लगाने और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए तत्पर है।