रविवार की सुबह कालूबास में एक भव्य पथ संचलन और उत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्वयंसेवक सीताराम आसोपा अपने पुत्र योगेश और पौत्र राघव आसोपा के साथ संचलन में सम्मिलित हुए, जो पीढ़ी दर पीढ़ी संघ के प्रति समर्पण का प्रतीक था। शताब्दी वर्ष में युवाओं की बढ़ती भागीदारी उत्साहजनक रही।
कालूबास के मुख्य मार्गों से गुज़रते हुए संचलन का नागरिकों ने पुष्प वर्षा और भारत माता के जयकारों के साथ स्वागत किया। बस्ती के अनेक लोग और मातृशक्ति शस्त्र पूजन में सम्मिलित हुए।
इसी क्रम में, मोमासर खंड में भी रविवार शाम को एक पथ संचलन का आयोजन किया गया। मोमासर गांव में भोमियाजी मंदिर से आरंभ हुआ संचलन, हनुमान धोरा, पंचायत भवन, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और शिवालय बास होते हुए वापस भोमिया जी मंदिर परिसर में आकर संपन्न हुआ।
मार्ग में तेरापंथ भवन में साध्वी प्रमिला कुमारी की उपस्थिति में साध्वियों ने मंगलकामनाएं दीं। संचलन के उपरांत विजयदशमी उत्सव के साथ शस्त्र पूजन किया गया।
उत्सव में विभाग कार्यवाह प्रदीप कुमार, खण्ड चालक शिवराज सिंह राजपुरोहित और मुख्य अतिथि अशोक पटावरी उपस्थित थे। मंडल के विभिन्न गांवों से लगभग 200 स्वयंसेवकों ने संचलन में भाग लिया। विभाग कार्यवाह प्रदीप कुमार ने संघ के कार्य और उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी।
इस अवसर पर वरिष्ठ स्वयंसेवक धनराज नाई, मदनलाल सोनी, उप सरपंच जुगराज संचेती, व्यापार मण्डल अध्यक्ष मनोज संचेती सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस भी मौजूद रही।
इन आयोजनों ने श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में देशभक्ति और सामाजिक समरसता का वातावरण निर्मित किया।