शाम होते ही ग्रामीण इस दिव्य आयोजन की तैयारियों में जुट गए। वाटिका स्थित गणेश मंदिर में शाम 6 बजे से कीर्तन शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चे, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। सभी ने मिलकर 5500 दीपक जलाए, जिससे वाटिका का दृश्य अत्यंत मनोहारी हो गया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में स्वयंसेवकों ने दीपों से “RSS 100” की आकर्षक प्रतिकृति बनाई, जो सभी का ध्यान आकर्षित कर रही थी।
उल्लेखनीय है कि खेतेश्वर वाटिका पर्यावरण प्रेमियों के लिए एक विशेष आकर्षण का केंद्र बन गई है। वर्ष 2021-22 में पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ शुरू हुई इस वाटिका में लगातार पर्यावरण प्रेमियों के प्रयास जारी हैं। इसी वर्ष वाटिका में एक हजार पौधे लगाए गए हैं।
पक्षियों के लिए यहाँ पक्के टावरनुमा आवास बनाए गए हैं, जिनमें 5000 गौरैया और 10,000 अन्य पक्षी निवास कर सकते हैं। यह वाटिका न केवल गाँव के लोगों के लिए, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लिए भी एक दर्शनीय स्थल बन गई है। बड़ी संख्या में लोग यहाँ आकर प्रकृति के सौंदर्य का आनंद लेते हैं और संतोष का अनुभव करते हैं।
सरपंच प्रतिनिधि गिरधारीसिंह राजपुरोहित, राज सर, इंद्रजीत, स्वयंसेवक लक्ष्मीनारायण, किशोर, पर्यावरण प्रेमी गणेशसिंह व राजूराम रापुरोहित, मालसिंह, नवरत्नसिंह, प्रकाश, डूंगरसिंह, राजूसिंह, रामचंद्र सहित अनेक ग्रामीण इस अवसर पर मौजूद रहे। सभी ने एक दूसरे को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।