श्रीडूंगरगढ़, 9 अक्टूबर, 2025। तेजा मंदिर धर्मशाला आज शोक और श्रद्धा के संगम में डूबा हुआ था। किसान केसरी को श्रद्धांजलि देने के लिए यहां बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। ‘डूडी अमर रहें’ के नारों से वातावरण गमगीन हो गया, हर आंख नम थी और हर कंठ भरा हुआ। डूडी के समर्थक, कांग्रेस नेता और दूर-दराज के गांवों से आए ग्रामीण, सभी एक प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने के लिए यहां जुटे थे।
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने डूडी के साथ बिताए पलों को याद करते हुए उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डूडी व्यवहार कुशल, कर्मठ और अपने हर कार्यकर्ता का सम्मान करने वाले नेता थे। वक्ताओं ने यह भी कहा कि उनका जीवन राजनीति में आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
इस अवसर पर पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया, पूर्व जिला प्रमुख मेघाराम महिया, पूर्व प्रधान भागूराम भादू, कांग्रेस के पीसीसी सदस्य हरिराम बाना, सेवा दल के संभाग प्रभारी विमल भाटी सहित कई गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। सरपंच जसवीर सारण, सरपंच प्रतिनिधि गोरधन खिलेरी, सरपंच किशन गोदारा, एडवोकेट श्यामसुंदर आर्य, डॉ. विवेक माचरा, चेयरमैन तुलसीराम गोदारा, पूर्व सरपंच रेखाराम कालवा, सेवा संगठन अध्यक्ष कोडाराम भादू ने भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभा में मोडाराम तर्ड, विजयराज सेवग, श्रीगोपाल राठी, संतोष गोदारा जैसे अनेक डूडी समर्थकों और ग्रामीणों ने भाग लिया।
सभा के अंत में, सभी ने खड़े होकर मौन धारण कर किसान केसरी को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पूरा परिसर ‘डूडी अमर रहें’ के नारों से गूंज उठा, जो उनके प्रति लोगों के अटूट प्रेम और सम्मान का प्रतीक था। डूडी भले ही शारीरिक रूप से आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी स्मृति और उनके आदर्श हमेशा जीवित रहेंगे।