बैठक का वातावरण श्रद्धा और उत्साह से परिपूर्ण था। सभी सदस्य एकमत होकर आगामी वर्षों के लिए नई टीम के चयन के लिए उत्सुक थे। गहन विचार-विमर्श और आपसी सहमति के बाद, बनवारीलाल घिंटाला को सर्वसम्मति से कमेटी का अध्यक्ष चुना गया। देवीलाल सारण ने गुरुवार को विधिवत रूप से घिंटाला के नाम की घोषणा की और उन्हें निष्ठापूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने के लिए प्रेरित किया।
कमेटी में अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी नियुक्ति की गई। मालाराम बांगड़वा को उपाध्यक्ष, गोपालाराम गोदारा को कोषाध्यक्ष, अन्नाराम भामूं को मंत्री और अमराराम सींवल को सचिव के रूप में चुना गया। इन सभी पदाधिकारियों को आगामी वर्षों में मंदिर और समुदाय के हित में कार्य करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सभा में प्रभुराम गोदारा, मनफुल गोदारा, खेताराम सियाग, आसाराम रोज, मोहनराम सारण, बीरबल पूनियां, धन्नाराम गोदारा, कालूराम सारण, धन्नाराम भामूं, तिलोकाराम भामूं, ओमप्रकाश गोदारा, कालूराम गोदारा सहित अनेक गणमान्य तेजा भक्तों ने भाग लिया। सभी ने नई कार्यकारिणी को बधाई दी और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष बनवारीलाल घिंटाला ने आगामी 5 सितंबर को आयोजित होने वाले तेजा जागरण के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर राधेश्याम भाट द्वारा तेजा गायन और भजनों की प्रस्तुतियां दी जाएंगी। उन्होंने सभी सदस्यों को जागरण की तैयारी संबंधी जिम्मेदारियां सौंपीं और इसे सफल बनाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया।
बैठक के अंत में मंदिर के पुजारी हुकमाराम गोदारा ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से मंदिर का विकास और समुदाय का कल्याण सुनिश्चित किया जाएगा।
कुल मिलाकर, यह सभा अत्यंत सफल रही। नई कार्यकारिणी के गठन से मंदिर और समुदाय में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। अब सभी की निगाहें 5 सितंबर को होने वाले तेजा जागरण पर टिकी हैं, जिसकी तैयारी जोर-शोर से चल रही है।