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तीन स्थानों पर निकले पथ संचलन, पुष्पवर्षा से अभिनंदन, किया शस्त्र पूजन ।

11 अक्टूबर, 2025 को श्रीडूंगरगढ़ अंचल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में एक विशेष आयोजन हुआ। सुरजनसर गांव, नौसरिया मिंगसरिया और स्वयं श्रीडूंगरगढ़ के बिग्गाबास में पथ संचलन और शस्त्र पूजन कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसने क्षेत्र में उत्साह का संचार किया।

शनिवार को हुए इन आयोजनों का आरंभ शस्त्र पूजन के साथ हुआ। इसके बाद बौद्धिक वक्ताओं ने स्वयंसेवकों और उपस्थित जनसमूह को संघ के इतिहास, उसके क्रमिक विकास, संघर्षों और समाज में उसकी स्वीकार्यता के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। वक्ताओं ने संघ कार्यकर्ताओं द्वारा समय-समय पर किए गए निस्वार्थ सेवा कार्यों और संघ के विचार परिवार से जुड़े विभिन्न संगठनों की विकास यात्रा का भी वर्णन किया।

इस अवसर पर, ‘पंच प्रण’ के महत्व और शताब्दी वर्ष में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी भी दी गई, जिससे लोगों को संघ के भविष्य के दृष्टिकोण को समझने में मदद मिली।

कस्बे के बिग्गाबास बस्ती में आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान क्षेत्र कार्यकारिणी सदस्य नंदलाल बाबाजी ने बौद्धिक मार्गदर्शन दिया। वहीं, सुरजनसर गांव में जोधपुर प्रांत महाविद्यालय विद्यार्थी कार्य प्रमुख हरिकिशन काकड़ और नौसरिया मिंगसरिया में श्रीडूंगरगढ़ खंड के सह खंड कार्यवाह राजू शर्मा बौद्धिककर्ता के रूप में उपस्थित रहे।

सुरजनसर ग्राम में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता लालचंद ने की, जबकि ओमप्रकाश मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। नौसरिया मिंगसरिया में लक्ष्मणराम ढाका ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया।

इन कार्यक्रमों में स्वयंसेवकों के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी शामिल हुए, जिन्होंने पथ संचलन में भाग लिया। पथ संचलन का जगह-जगह पुष्प वर्षा से स्वागत किया गया, जो समाज में संघ के प्रति सम्मान और सद्भावना का प्रतीक था।

यह आयोजन न केवल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष का उत्सव था, बल्कि यह समाज को एक साथ लाने और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने का भी एक प्रयास था। कार्यक्रमों में उपस्थित लोगों ने संघ के आदर्शों और मूल्यों को आत्मसात करने का संकल्प लिया, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव लाए जा सकें।

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