किसानों की इस परेशानी पर अखिल भारतीय किसान सभा ने गहरी नाराज़गी जताई है। किसान सभा के जिलाध्यक्ष और पूर्व विधायक कॉमरेड गिरधारीलाल महिया ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की लापरवाही और वितरण व्यवस्था में कमियों के कारण किसानों की बुआई प्रभावित हो रही है। खेत तो तैयार हैं, लेकिन खाद न मिलने से किसान बेबस महसूस कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से तुरंत डीएपी की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि किसानों की मेहनत बेकार न जाए।
किसान सभा के तहसील अध्यक्ष भंवरलाल भुवाल, सचिव राजेंद्र जाखड़, उपाध्यक्ष दौलतराम मेघवाल और प्रवक्ता शेखर रैगर ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा कि यदि हालात जल्द ही नहीं सुधरे, तो किसान सभा आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दिनों से समितियों में खाद के ट्रक नहीं पहुंचे हैं। कुछ किसानों ने यह भी बताया कि वे निजी विक्रेताओं से ऊंचे दामों पर खाद खरीदने को विवश हैं। इससे फसलों की लागत बढ़ने का खतरा है, और समय पर बुआई न होने से फसल उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। अब देखना यह है कि प्रशासन किसानों की इस समस्या को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है, और रबी की फसल की बुआई निर्बाध रूप से हो पाती है या नहीं।