दिन की शुरुआत तोलियासर से हुई, जहाँ मंत्री मेघवाल ने 39.52 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 132 केवी जीएसएस (Grid Sub-Station) का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है, जो भविष्य में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने तोलियासर के राउमावि (Rajkiya Ucch Madhyamik Vidyalaya) को पीएमश्री विद्यालय बनाने की सिफारिश प्रधानमंत्री से करने का भी आश्वासन दिया।
विधायक ताराचंद सारस्वत ने क्षेत्र में कृषि कार्यों की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि विद्युत संबंधी कार्य उनकी प्राथमिकता में हैं और यह जीएसएस क्षेत्र की विद्युत आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक होगा। बिजली विभाग के अधिकारी भीखाराम मेघवाल ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि इस जीएसएस से चार 33केवी फीडर लाइनें निकलेंगी, जो ठुकरियासर प्रथम व द्वितीय, लिखमादेसर और धीरदेसर को विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी।
कार्यक्रम में विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार, ओबीसी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष चंपालाल गेदर, जिलाध्यक्ष विनोदगिरी गुसाई सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने इस सौगात के लिए आभार व्यक्त किया।
इसके बाद मंत्री मेघवाल झंझेऊ गाँव पहुँचे, जहाँ उन्होंने 3 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण किया। इन कार्यों में सामुदायिक भवन, बरामदा और शेड जैसे कार्य शामिल थे। मेघवाल ने कहा कि सरकार आधारभूत सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दे रही है और उन्होंने यहां 10 लाख रुपये की लागत से एक और सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा की। विधायक सारस्वत ने कहा कि आमजन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इन कार्यों को विभिन्न मदों से पूरा किया गया है।
दिन का अंतिम कार्यक्रम नारसीसर में हुआ, जहाँ केंद्रीय मंत्री और विधायक ने नारसीसर से कुचोर रास्ते पर बने रेलवे अंडर ब्रिज (RUB) का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री बजट घोषणा के अनुरूप 4.38 करोड़ रुपये की लागत से सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित यह आरयूबी क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए आवागमन को सुगम बनाएगा। मेघवाल ने कहा कि इस आरयूबी के चालू होने से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, वहीं सारस्वत ने मुख्यमंत्री द्वारा श्रीडूंगरगढ़ को दी गई सौगातों के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
कुल मिलाकर, केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल का श्रीडूंगरगढ़ दौरा क्षेत्र के विकास के लिए एक सकारात्मक संकेत लेकर आया, जहाँ विद्युत, सामुदायिक विकास और बुनियादी ढांचे से संबंधित परियोजनाओं का शुभारंभ हुआ।