प्रिय पाठकों, श्रीडूंगरगढ़ से आज दो महत्वपूर्ण खबरें लेकर आए हैं, जो सीधे तौर पर समाज और संस्कृति से जुड़ी हुई हैं।
पहली खबर सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़ी है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने पेंशनभोगियों के लिए एक जरूरी सूचना जारी की है। विभाग ने बताया है कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के अंतर्गत लाभान्वित हो रहे सभी लोगों को 31 दिसंबर, 2025 तक अपना वार्षिक भौतिक सत्यापन कराना अनिवार्य है।
संयुक्त निदेशक एलडी पंवार ने बताया कि जिले में इस योजना के तहत 2 लाख 55 हजार 788 लोग लाभान्वित हो रहे हैं। इनमें वृद्धजन, विधवा महिलाएं, विशेष योग्यजन और कृषक वृद्धजन शामिल हैं। इन सभी को अपनी पेंशन जारी रखने के लिए 31 दिसंबर तक सत्यापन कराना होगा।
सत्यापन की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए विभाग ने कई विकल्प दिए हैं। पेंशनभोगी ई-मित्र कियोस्क या ई-मित्र प्लस केंद्रों पर जाकर बायोमेट्रिक्स पद्धति से, यानी अपनी उंगलियों की छाप देकर सत्यापन करा सकते हैं। इसके अलावा, ‘राजस्थान सोशल सिक्योरिटी पेंशन एंड आधार फेस आरडी’ नामक एक एंड्रॉइड मोबाइल ऐप भी विकसित किया गया है, जिससे चेहरे की पहचान के माध्यम से सत्यापन किया जा सकता है।
अब रुख करते हैं दूसरी खबर की ओर, जो संस्कृति और कला से जुड़ी है। पर्यटन विभाग 19 नवंबर को ‘घूमर फेस्टिवल-2025’ का आयोजन करने जा रहा है। यह रंगारंग कार्यक्रम डॉ. करणी सिंह स्टेडियम में शाम 6 बजे से शुरू होगा।
जिला कलक्टर नम्रता वृष्णि ने सोमवार को इस महोत्सव के पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार लोकनृत्य घूमर को बढ़ावा देने के लिए यह पहल कर रही है। इस महोत्सव में 12 वर्ष से अधिक आयु की छात्राएं और महिलाएं भाग ले सकती हैं।
भाग लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा, जिसकी वेबसाइट है – ghoomar.rajasthan.gov.in। कलक्टर ने स्कूलों, कॉलेजों, नृत्य समूहों, गृहणियों और कामकाजी महिलाओं को भी आवेदन करने के लिए प्रेरित किया है। प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार, एक समूह में कम से कम बीस प्रतिभागी होने चाहिए।
आवेदन करने वाली प्रतिभागियों के लिए सात दिन की प्रशिक्षण कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता में जीतने वाले समूहों को अलग-अलग श्रेणियों में 7 हजार से लेकर 51 हजार रुपये तक के पुरस्कार दिए जाएंगे।
ये दोनों ही खबरें अपने-अपने क्षेत्र में महत्वपूर्ण हैं। एक तरफ सामाजिक सुरक्षा पेंशन से जुड़ी खबर जरूरतमंद लोगों के लिए पेंशन जारी रखने का माध्यम है, तो दूसरी तरफ घूमर फेस्टिवल हमारी संस्कृति और परंपरा को जीवंत रखने का एक प्रयास है। उम्मीद है कि ये खबरें पाठकों को जानकारी और प्रेरणा दोनों देंगी।