कालू थाना पुलिस ने इस मामले में तेज़ी दिखाते हुए एक शातिर चोर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। थानाधिकारी भोलाराम ने बताया कि आरोपियों को हनुमानगढ़ जेल से प्रोटेक्शन वारंट पर लाया गया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में हरियाणा के रेवाड़ी जिले के नेहरूगढ (गामड़ी) गांव के जगतसिंह उर्फ दीपक बावरिया (28 वर्ष) और उसकी पत्नी सविता (25 वर्ष) के साथ पूजा उर्फ पूजी (22 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस ने तीनों को कालू जेल में बंद कर दिया है और उन्हें आज अदालत में पेश किया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह में पांच और सदस्य शामिल हैं, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस का मानना है कि इन चोरों से अन्य चोरियों के मामलों में भी अहम सुराग मिल सकते हैं।
जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने चोरी की वारदातों को अंजाम देने के लिए चोरी के वाहनों का इस्तेमाल किया। सूत्रों के अनुसार, गिरोह ने पहले महेंद्रगढ़ से एक मोटरसाइकिल चुराई और फिर रामपुरा बैरी में उसे छोड़कर एक बोलेरो चुरा ली। इसी बोलेरो से वे बीकानेर जिले में दाखिल हुए और कालू के प्रसिद्ध कालका माता मंदिर में चोरी की। इस चोरी में उन्होंने लाखों की नकदी और चांदी चुराई। माना जा रहा है कि इन्हीं चोरों ने पल्लू, मेघसर और सावा के मंदिरों में भी चोरी की और मंदिर की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए चोर “काली चोर गैंग” के सदस्य हैं। इस गिरोह का नेतृत्व हरियाणा निवासी काली नामक महिला करती है, और उसके पति अजीत, पुत्र विजय सहित परिवार के अन्य सदस्य भी इस गिरोह में शामिल हैं। काली और उसके पति के खिलाफ विभिन्न थानों में 40 से 50 चोरी के मामले दर्ज हैं।
कालू थानाधिकारी भोलाराम के नेतृत्व में पुलिस टीम इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। पल्लू थाने में दर्ज एक मामले में गिरफ्तारी के बाद इन चोरों को हनुमानगढ़ जेल से प्रोटेक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया गया है।
इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की सक्रियता से लोगों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा और मंदिरों में हुई चोरियों का पर्दाफाश होगा। यह घटना सोचने पर मजबूर करती है कि समाज में अपराध किस तरह जड़ें जमा रहा है और इसे रोकने के लिए सामूहिक प्रयासों की कितनी आवश्यकता है।