गुरुवार को राजेडू गाँव में जैसे ही जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने कदम रखा, मानो उम्मीद की एक किरण जाग उठी। ग्रामीण सेवा शिविर में पहुँचकर उन्होंने सबसे पहले अधिकारियों को राज्य सरकार की मंशा से अवगत कराया – काम में गंभीरता और पारदर्शिता, ताकि आमजन को तत्काल राहत मिल सके।
कलेक्टर वृष्णि ने शिविर में लगे विभिन्न विभागों के स्टॉल्स का बारीकी से मुआयना किया। हर स्टॉल पर रुककर, अधिकारियों से कार्यों की प्रगति जानी और मौके पर ही दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने लोगों की शिकायतों और सुझावों को ध्यान से सुना, मानो हर शब्द में छिपी समस्या को समझने का प्रयास कर रही हों। उन्होंने अधिकारियों को नियमित जनसुनवाई करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों की समस्याओं का समाधान त्वरित गति से हो सके।
कलेक्टर वृष्णि ने शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया, ताकि दूर-दराज के गाँवों तक इसकी जानकारी पहुँचे और अधिक से अधिक ग्रामीण इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि सभी विभागों के अधिकारी समय पर उपस्थित रहें, ताकि ग्रामीणों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
निरीक्षण के दौरान एक सुखद दृश्य देखने को मिला जब अधिकारियों ने आपसी सहमति से खाता विभाजन करवाया। यह दृश्य आपसी सहयोग और सौहार्द का प्रतीक था। इसके बाद, कलेक्टर वृष्णि ने आंगनबाड़ी केंद्र में पहली बार प्रवेश लेने वाले बच्चों को वेलकम किट भेंट की, उनके चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी। गोद भराई की रस्म में शामिल होकर उन्होंने मातृत्व का सम्मान किया। इस मौके पर उन्होंने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, मानो प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रही हों।
इस पूरे कार्यक्रम में जिला परिषद के सीईओ सोहनलाल, श्रीडूंगरगढ़ एसडीएम शुभम शर्मा, तहसीलदार श्रीवर्धन शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि शिविर का उद्देश्य पूरा हो और ग्रामीणों को हर संभव सहायता मिल सके। यह दिन, सरकारी अधिकारियों और आम जनता के बीच एक मजबूत संबंध का प्रतीक बन गया।