दीपावली की छुट्टियों में गाँव से शहर जाना आम बात है। लोग अपने प्रियजनों से मिलने और त्योहार मनाने के लिए कुछ दिनों के लिए अपना घर छोड़कर जाते हैं। विनोद कुमार मोदी का परिवार भी इसी उम्मीद के साथ 19 अक्टूबर को बीकानेर गया था कि वे कुछ दिन अपनों के साथ बिताकर लौटेंगे।
33 वर्षीय सुमित कुमार मोदी, जो विनोद कुमार मोदी के पुत्र हैं, ने सेरूणा पुलिस को बताया कि 21 अक्टूबर को जब वे बीकानेर से लौटे तो उनके घर के ताले टूटे हुए थे। चोरों ने अलमारी, संदूक और बेड खोलकर सामानों की तलाशी ली थी। सोने-चांदी के आभूषण और नगदी गायब थे।
सुमित कुमार मोदी ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि चोर 1.5 भरी सोने की चैन, 3.5 भरी सोने का सेट, 3 अंगूठी, दो जोड़ी टॉप्स, सोने की टूटी हुई चूडियां (लगभग 3 भरी), 4 नाक के लूंग, चांदी की 7 जोड़ी पायल, आधा किलो चांदी (जो टूट-फूट के लिए रखी थी), चांदी का गिलास और प्याला (7 नग), 10-10 ग्राम के सात-आठ सिक्के और 17 हजार रूपए नकद के साथ एक हाथ घड़ी भी ले गए।
परिवार ने 21 अक्टूबर को ही पुलिस को घटना की सूचना दी और चोरों को पकड़ने के साथ-साथ चोरी हुए सामान की बरामदगी की गुहार लगाई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सोमवार को मामला दर्ज कर लिया है और जांच की जिम्मेदारी हैड कांस्टेबल सत्यवीर को सौंपी है।
यह घटना एक बार फिर सोचने पर मजबूर करती है कि त्योहारों के मौसम में, जब लोग खुशियाँ मनाने में व्यस्त होते हैं, अपराध भी अपने पैर पसारने लगते हैं। पुलिस प्रशासन को ऐसे समय में और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है ताकि लोगों की खुशियाँ सलामत रहें।