श्रीडूंगरगढ़, 28 अक्टूबर 2025: बीते दो-तीन दिनों से सोशल मीडिया पर निकाय और पंचायत चुनावों की घोषणा से संबंधित एक संदेश तेज़ी से प्रसारित हो रहा था, जिसे अब अफवाह बताया जा रहा है। फिलहाल, राज्य में निकाय और पंचायतीराज चुनाव के टलने की संभावना प्रबल होती दिख रही है।
दरअसल, राजस्थान में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) शुरू हो गया है। बीती रात 12 बजे से वोटर लिस्ट को फ्रीज कर दिया गया है। अब इस विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के सामान्य तबादले भी नहीं हो सकेंगे। जानकार मान रहे हैं कि इसी वजह से स्थानीय निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव का फिलहाल टलना लगभग तय है।
आमजन को उम्मीद थी कि जनवरी में निकाय चुनाव और पंचायत चुनाव की घोषणा हो सकती है, लेकिन अब मतदाता सूची के पुनरीक्षण के बाद ही चुनावों की घोषणा होने की संभावना जताई जा रही है।
पुनरीक्षण कार्यक्रम के अनुसार, प्रिंटिंग और ट्रेनिंग 28 अक्टूबर से 3 नवंबर तक चलेगी। इसके बाद 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक घर-घर जाकर गणना की जाएगी। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन 9 दिसंबर को होगा और आपत्तियां प्राप्त करने की अवधि 9 दिसंबर से 8 जनवरी तक निर्धारित की गई है। नोटिस फेज (वेरिफिकेशन) भी 9 दिसंबर से 8 जनवरी तक चलेगा। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 फरवरी 2026 को किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवीन महाजन ने बताया कि पहले चरण में लिंकिंग और मैपिंग का कार्य किया जाना है। उनका कहना है कि विभाग का मुख्य उद्देश्य यह है कि अधिक से अधिक मतदाताओं की मैपिंग सुनिश्चित की जा सके।
ऐसे में, चुनाव की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को थोड़ा इंतजार करना होगा। अब देखना यह है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण का यह कार्य कब तक पूरा होता है और इसके बाद चुनाव आयोग क्या निर्णय लेता है। फिलहाल, चुनावी माहौल में कुछ समय के लिए विराम लग गया है।