श्रीडूंगरगढ़ में किसानों की व्यथा मानो एक गंभीर प्रश्न बनकर खड़ी थी, जिसे स्थानीय विधायक ताराचंद सारस्वत ने सीधे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के समक्ष रखा। मामला था क्षेत्र में फसल की गिरदावरी में हो रही अनियमितताओं और मूंगफली खरीद में धांधलियों का। विधायक ने मुख्यमंत्री को किसानों की परेशानियों से विस्तारपूर्वक अवगत कराया, मानो वे अन्नदाताओं की उम्मीदों का पुल बन गए हों।
मुख्यमंत्री ने इस विषय को तत्परता से समझा और तत्काल बीकानेर जिला प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। यह निर्देश एक आशा की किरण बनकर चमका। इसके परिणामस्वरूप, बीकानेर कलेक्ट्रेट ने सभी एसडीएम को मूंगफली खरीद से जुड़े टोकनों का भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) करने के आदेश जारी कर दिए।
प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि गिरदावरी में गड़बड़ी करने वाले पटवारी, कर्मचारी या इसमें लिप्त दलालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घोषणा एक चेतावनी थी उन सभी के लिए जो किसानों के हक में सेंध लगाने का प्रयास कर रहे थे।
विधायक सारस्वत ने इस अवसर पर कहा, “किसान हमारे अन्नदाता हैं और उनके साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” मुख्यमंत्री ने भी स्पष्ट रूप से कहा है कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। यह कथन सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इन निर्देशों के बाद गांवों में गिरदावरी की जांच को लेकर हलचल तेज हो गई है। प्रशासन अब हर स्तर पर रिकॉर्ड और मौके पर जाकर सत्यापन के माध्यम से स्थिति को स्पष्ट करेगा। यह देखना होगा कि यह प्रशासनिक सक्रियता किसानों के लिए कितनी राहत लेकर आती है और क्या यह भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में कारगर साबित होती है। निश्चित रूप से, यह घटनाक्रम किसानों के लिए एक नई उम्मीद जगा गया है।