राठी ने अपने जन्मदिन के अवसर पर गौशाला में गौमाताओं के लिए मुंगचुरी और गुड़ का भंडारा करवाया। यह दृश्य अपने आप में अनूठा था, जहां एक तरफ जन्मदिन की खुशियां थीं, वहीं दूसरी तरफ गौमाताओं के प्रति करुणा और सेवा का भाव।
इस अवसर पर गौसेवी अगरसिंह ने बताया कि गणेश मल राठी लम्बे समय से करणी गौशाला से जुड़े हुए हैं। उनका परिवार भी गौसेवा में समर्पित भाव से योगदान देता रहा है। राठी का यह कदम गौसेवा के प्रति उनकी गहरी श्रद्धा और समर्पण को दर्शाता है।
गौशाला परिवार और ग्रामीणों ने राठी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। सभी ने उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की। इस सादगी भरे आयोजन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सच्ची ख़ुशी दूसरों की सेवा में ही निहित है। यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम भी अपने जीवन में सेवा और करुणा के ऐसे रंग भर सकते हैं?