मिली जानकारी के अनुसार, कालूबास के निवासी 87 वर्षीय कोडदास स्वामी, पुत्र मोहनदास स्वामी, अपने खेत में चारपाई पर सो रहे थे। शांत रात में, जब सारा गांव गहरी नींद में डूबा था, एक जहरीले रेगिस्तानी सांप, जिसे स्थानीय भाषा में पैना कहा जाता है, ने उन्हें डस लिया।
विष इतना घातक था कि कोडदास जी को संभलने का मौका भी नहीं मिला और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
परिजन, जो इस घटना से बुरी तरह हिल गए थे, उन्हें तड़के लगभग 3 बजे अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को औपचारिकताओं के लिए मोर्चरी में रखवाया गया।
हालांकि, परिजनों ने किसी भी कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया। वे अपने प्रियजन के शव को अंतिम संस्कार के लिए घर ले गए, ताकि उनकी आत्मा को शांति मिल सके।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर ग्रामीण जीवन की मुश्किलों और खतरों को उजागर किया है। यह उन किसानों के प्रति हमारी संवेदना और सम्मान का प्रतीक है जो दिन-रात मेहनत करके हम सबके लिए अन्न उगाते हैं, और अक्सर ऐसी त्रासदियों का शिकार हो जाते हैं।