बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं को सही प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना ही बोर्ड का मुख्य लक्ष्य है। सुथार ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि युवाओं को उद्योगों की ज़रूरतों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि वे रोज़गार और स्व-रोज़गार के अवसरों का लाभ उठा सकें।
बैठक में आगामी योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और उद्योगों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए एक विस्तृत योजना पर विचार किया गया। बोर्ड के सीईओ राघवेन्द्र सिंह, सलाहकार बद्रीलाल मीणा और विभिन्न विभागों के सदस्य भी इस महत्वपूर्ण बैठक में उपस्थित थे।
सदस्यों ने इस बात पर विशेष ध्यान दिया कि कौशल विकास योजनाओं का लाभ ज़्यादा से ज़्यादा युवाओं तक पहुँचे और हर ज़रूरतमंद व्यक्ति को इसका फायदा मिले। बैठक के अंत में, कौशल नियोजन एवं उद्यमिता विभाग के आयुक्त ऋषभ मण्डल ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब देश में कौशल विकास और युवाओं को रोज़गार के अवसर प्रदान करने पर ज़ोर दिया जा रहा है। श्रीविश्वकर्मा कौशल बोर्ड की यह पहल निश्चित रूप से युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें बेहतर भविष्य की ओर ले जाने में मददगार साबित होगी। बैठक में लिए गए निर्णय और बनाई गई योजनाएं युवाओं के कौशल विकास के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त करेंगी, ऐसी उम्मीद की जा रही है।