परिवाद में पीटर ने बताया है कि उनका घर मोमासर बास में स्थित है। उनके मकान के पीछे लगभग चार फीट की एक गैलरी है, जिसे उन्होंने हवा और रोशनी के लिए छोड़ रखा है। पीटर के अनुसार, पिछले दो सालों से उन्होंने अपनी एसी का आउटडोर यूनिट इसी गैलरी में लगा रखा है।
पीटर का आरोप है कि 31 अगस्त को दोपहर करीब 3 बजे अर्जुन और उसकी पत्नी पूजा उनकी गैलरी में घुस आए और लाठियों से एसी का आउटडोर तोड़ने लगे। शोर सुनकर जब पीटर और उनकी पत्नी बाहर आए, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और धक्का-मुक्की करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।
पीटर का कहना है कि अर्जुन और उसकी पत्नी गैलरी की जमीन पर अपना कब्जा जता रहे थे। उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि “यह जगह हमारी है, इसे हम अपने घर में मिलाकर रहेंगे।” पीटर के अनुसार, उन्होंने पत्थर फेंककर धमकाते हुए यह भी कहा कि अगर उन्होंने उस जगह पर कदम रखा तो वे उनके हाथ-पैर तोड़ देंगे।
खबर है कि घटना के दौरान हंगामे की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए, जिसके बाद आरोपी धमकी देते हुए अपने घर चले गए।
इस घटना के बाद पीटर ने अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट श्रीडूंगरगढ़ में परिवाद प्रस्तुत किया है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है और इस पड़ोसी विवाद का क्या समाधान निकलता है।