डूंगरगढ़ one 3 जनवरी, 2025 श्रीडूंगरगढ़। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट ने साइबर ठगी के एक नए और बेहद खतरनाक तरीके को लेकर आमजन को अलर्ट किया है। यह ठगी USSD आधारित कॉल फॉरवर्डिंग स्कैम के जरिए की जा रही है, जिसमें ठग खुद को कूरियर या डिलीवरी एजेंट बताकर लोगों को निशाना बना रहे हैं।
ऐसे काम करता है नया स्कैम
साइबर क्राइम शाखा के अनुसार ठग फोन कर यह कहते हैं कि आपका पार्सल डिलीवरी के लिए तैयार है या री-शेड्यूल करना है। इसके बाद वे पीड़ित से एक कोड डायल करने को कहते हैं, जो आमतौर पर *21*, *61* या *67* से शुरू होता है।
जैसे ही यह कोड डायल किया जाता है, मोबाइल की कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिव हो जाती है।
OTP कॉल सीधे ठगों तक पहुंचती है
कॉल फॉरवर्डिंग चालू होते ही बैंक से आने वाली OTP वेरिफिकेशन कॉल सीधे ठगों के नंबर पर चली जाती है। इसके बाद साइबर अपराधी पीड़ित के बैंक खाते से अनधिकृत ट्रांजैक्शन कर लेते हैं। कई मामलों में सोशल मीडिया अकाउंट्स भी हैक कर लिए जाते हैं।
राजस्थान पुलिस की साफ चेतावनी
राजस्थान पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि
– किसी भी अनजान कॉलर के कहने पर कोई भी USSD कोड डायल न करें।
-कूरियर या पार्सल से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट या कस्टमर केयर नंबर से ही जांचें।
-अगर कॉल फॉरवर्डिंग चालू हो जाए तो क्या करें?
-यदि आपको शक है कि आपके मोबाइल में कॉल फॉरवर्डिंग एक्टिव हो गई है तो तुरंत ##002# डायल करें।
इससे सभी प्रकार की कॉल फॉरवर्डिंग सेवाएं बंद हो जाएंगी।
ठगी होने पर तुरंत शिकायत करें
इस तरह की साइबर ठगी का शिकार हो जाएं तो देर न करें-
राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें
या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें
राजस्थान पुलिस के व्हाट्सऐप हेल्पलाइन नंबर 9256001930 और 9257510100 पर भी सूचना दी जा सकती है
पुलिस का कहना है कि सतर्कता ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।