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किसान ने जुगाड़ू नेट हाऊस लगाया, जैविक सब्जी के मंडी में मिल रहें दुगुने दाम, कमा रहें अच्छा मुनाफा।

श्रीडूंगरगढ़ ONE 18 फरवरी 2026। क्षेत्र के युवा किसान परंपरागत खेती से आगे बढ़कर अपनी मेहनत व नवाचार के माध्यम से खेती के लाभ को कई गुना कर रहें है।
ऐसी ही एक प्रेरणीय मिसाल गांव बिग्गाबास रामसरा के युवा किसान कुनणाराम पुत्र प्रभुराम साहू ने पेश की है। साहू का खेत गांव से 6 किलोमीटर दूर रूस्तम धोरा के पास स्थित है। युवा किसान बांस व नेट की मदद से जुगाडू नेट हाऊस बनाकर तापमान की मार से टमाटर व मिर्ची की सब्जी उत्पादन का कार्य कर रहें है। कुनणाराम इससे अच्छा लाभ कमा रहें है और अच्छे दामों पर ये बेस्ट क्वालिटी मिर्ची व टमाटर श्रीडूंगरगढ़ मंडी में ही सप्लाई दे रहें है। कुनणाराम ने श्रीडूंगरगढ़ ONE को बताया कि दो वर्ष पहले उन्होंने मिर्ची व टमाटर की खेती का विचार किया। जिसमें पहले वर्ष ठीकठाक उत्पादन रहा और दूसरे वर्ष तापमान में उतार चढ़ाव के कारण फसल पूरा लाभ नहीं दे पाई। उन्होंने कहा कि पॉली हाऊस लगाने का खर्च बहुत अधिक था तो गत वर्ष करीब आधा बीघा में 21 हजार वर्ग फुट का जुगाडू नेट लगाकर मिर्ची व टमाटर का उत्पादन शुरू किया और जिसमें तीन लाख रूपए की मिर्ची हुई। इससे परिवार का समर्थन मिल गया। कुनणाराम ने बताया कि फरवरी 2025 में मिर्ची की रोपाई की जो दिसंबर तक चली। इस दौरान उन्होंने कीटनाशकों का प्रयोग ना के बराबर किया और मंडी में हाथोंहाथ उनकी मिर्ची अच्छे दामों में बिकती। इस बार वर्तमान में कुनणाराम मंडी में टमाटर की सप्लाई दे रहें है और मिर्ची की रोपाई कार्य में व्यस्त है।
मंडी में डेढ़ गुना से ज्यादा मिलती है कीमत।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। कुनणाराम ने बताया कि सब्जी उत्पादन लाभ का काम है, क्योंकि कम समय में ये अच्छी आमदनी का स्त्रोत है। उन्होंने बताया कि इस बार वे जैविक रूप से ही सब्जी उत्पादन करेंगे। कुनणाराम ने बताया कि वे जैविक खेती को बढ़ावा देना चाहते है। उन्होंने कहा कि सीकर से आने वाली मिर्च में कीटनाशकों को अधिक प्रयोग होता है और उसकी कीमत 10 से 12 रूपए किलो होती है। जबकि उनकी मिर्च का निचले भाव में 35 रूपए किलो और अधिकतम भाव में 110 रूपए तक श्रीडूंगरगढ़ मंडी में बिकी है। कुनणाराम ने बताया कि पेस्टीसाइट के प्रयोग से उत्पादन बढ़ता है, तो भाव भी कम ही रहते है, और जैविक में उत्पादन कुछ कम हो पर भाव अच्छे मिलने के कारण लाभ उससे अधिक ही रहता है। उन्होंने कहा गत वर्ष गारंटी के साथ मंडी में तीन लाख की मिर्च बेची, जिससे अच्छा लाभ कमाया।
ऐसे बनाया जुगाड़ू नेट हाऊस।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। कुनणाराम ने बताया कि 21 हजार वर्ग फुट में उन्होंने बांस लगाए। ऊपर जीआई वायर से तणी खींच कर बांधी। उसके बाद उसपर नेट लगा दी। उन्होंने बताया कि 2025 में ये कार्य किया और इसमें करीब डेढ़ लाख रूपए की लागत आई। उन्होंने बताया कि जमीन में बांस को दीमक से बचाने के लिए जमीन में गड़े बांस को पॉलीथिन से कवर किया गया है। इस बार ये लागत नहीं होने से उत्पादन का शुद्ध लाभ भी दुगुना हो जाएगा।
आस पास के किसान ले रहें है जानकारी।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। धीरदेसर चोटियान के प्रगतिशील युवा किसान रामलक्ष्मण चोटिया ने बताया कि यह नेट हाउस मिर्च की फसल को गर्मी, सर्दी और तेज हवाओं से बचा रहा है। अब जैविक हरी मिर्च की अच्छी पैदावार हो रही है और आसपास के किसानों के लिए यह प्रेरणा बन चुका है। कुनणाराम के बारे में जानकारी मिलने पर आस पास के किसान उनसे जानकारी लेने उनके खेत भी पहुंच रहें है। कुनणाराम ने बताया कि वे किसानों को लाखों का लाभ कमाकर आत्मनिर्भर देखना चाहते है। स्वयं कुनणाराम ने बिना किसी सरकारी सहायता के अपने ही स्तर पर कार्य किया है और इसे सफल बनाने के लिए मेहनत के साथ डटे है।

 

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