कार्यक्रम की शुरुआत साध्वियों द्वारा मधुर मंगल पाठ से हुई, जिसने जप के लिए एक सकारात्मक और आध्यात्मिक माहौल तैयार किया। साध्वी जी ने ॐ भिक्षु जप के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह जप मन को शांत करता है, एकाग्रता बढ़ाता है, और तनाव को कम करने में सहायक होता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस जप के नियमित अभ्यास से अनेक मानसिक और शारीरिक लाभ प्राप्त होते हैं, जिससे व्यक्ति में आध्यात्मिकता का भाव जागृत होता है।
उल्लेखनीय है कि अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल द्वारा देश-विदेश में इस जप अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें श्रावक समाज बड़ी संख्या में भाग ले रहा है। यह अनुष्ठान जैन समुदाय के बीच गहरी आस्था और एकता का प्रतीक बन गया है।
मंडल मंत्री अंबिका डागा ने बताया कि सेवा केंद्र में 80 श्रावक-श्राविकाओं ने व्यक्तिगत रूप से जप में भाग लिया, जबकि अनेक लोगों ने जूम ऐप के माध्यम से अपनी सहभागिता दर्ज कराई। इस प्रकार, ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से लगभग 124 लोगों ने सामूहिक रूप से जप का संगान किया, जिससे यह कार्यक्रम एक व्यापक आध्यात्मिक अनुभव बन गया।
मंडल अध्यक्ष मंजूदेवी बोथरा ने जप में शामिल होने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से समुदाय में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और लोगों को आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में प्रेरित किया जाता है।
यह ॐ भिक्षु महाजप अनुष्ठान न केवल एक धार्मिक आयोजन था, बल्कि यह श्रीडूंगरगढ़ के लोगों के लिए एक साथ आने, अपनी आध्यात्मिक जड़ों से जुड़ने और सामूहिक रूप से शांति और सद्भाव का अनुभव करने का एक अवसर भी था।