इस अवसर पर पशुपालन विभाग द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें भामाशाहों और दानदाताओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने चिकित्सालय के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पशुओं के हित में एक दिवसीय टीकाकरण और शल्य चिकित्सा शिविर भी लगाया गया, जिससे क्षेत्र के पशुपालकों को लाभ मिला।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ओमप्रकाश राठी थे, जो श्रीकृष्ण गौशाला समिति, कालूबास के संरक्षक हैं। उन्होंने 12 वर्ष पूर्व इस चिकित्सालय के लिए भूमि दान की थी और परिसर के निर्माण में सहयोग किया था। उनके इस अमूल्य योगदान को सम्मानित करते हुए पशुपालन विभाग के डॉ. नरेश सक्सेना, ब्लॉक अधिकारी श्रीडूंगरगढ़, डॉ. दिनू खां, प्रभारी चिकित्सालय कालूबास, डॉ. सुभाष घारू, डॉ. रूचि पटवा, गजानंद और उदय सिंह बाना ने उन्हें शाल, साफा और प्रशस्ति पत्र भेंट किया।
इस अवसर पर ओमप्रकाश राठी ने चिकित्सालय की स्थापना के पीछे की कहानी साझा करते हुए बताया कि एक समय था जब श्रीडूंगरगढ़ में केवल एक ही पशु चिकित्सालय था। पशुपालकों की बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए, उनकी माता किस्तुरी देवी राठी के नाम से इस परिसर की स्थापना की गई। उन्होंने चिकित्सालय को पोलीक्लीनिक में अपग्रेड करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए घोषणा की कि यदि ऐसा होता है, तो इसके लिए आवश्यक भूमि, निर्माण और उपकरणों की व्यवस्था वे स्वयं करेंगे।
कार्यक्रम में कई भामाशाहों ने भी उदारतापूर्वक योगदान दिया। दलीप ने चिकित्सालय को कंप्यूटर और प्रिंटर प्रदान किए, सुशील मुंधडा ने डेजर्ट कूलर भेंट किया, सरदाराराम बाना (सेवानिवृत्त व्याख्याता, श्रीडूंगरगढ़) ने फर्नीचर प्रदान किया, और ओमप्रकाश राठी (जीवदया गौशाला, श्रीडूंगरगढ़) ने ₹11,000 का आर्थिक सहयोग दिया। पशुपालन विभाग ने सभी दानदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
स्थापना दिवस पर आयोजित शल्य चिकित्सा शिविर में 5 पशुओं की सफल सर्जरी की गई, जिनमें टेल एम्पूटेशन, यूरीश्रल डायवर्टीक्यूलेक्टोमी, एब्सेस, टीट फिस्टुला और लेसरेटेड वुंड शामिल थे। इसके अतिरिक्त, 40 श्वानों में रेबीज़ का टीकाकरण किया गया और 50 अन्य सामान्य रोगी पशुओं का उपचार किया गया।
शिविर में सहदेव, रामसिंह जाखड़, नीरू, शमा, रविशंकर पांडे, रामनिवास, राजू डेलू और सलीम ने सक्रिय रूप से सहयोग दिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुभाष घारू ने किया, और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. दिनू खां ने प्रस्तुत किया।
किस्तुरी देवी राठी राजकीय पशु चिकित्सालय, कालूबास का 12वां स्थापना दिवस पशु सेवा, सामुदायिक भागीदारी और समर्पण का एक प्रेरणादायक उदाहरण है। यह चिकित्सालय क्षेत्र के पशुपालकों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन है, और यह भविष्य में भी पशुओं के कल्याण के लिए अपनी सेवाएं जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।