सूत्रों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद, कुछ जागरूक युवाओं ने तत्परता दिखाते हुए विक्रमसिंह को, जो भारतीय जनता पार्टी के एक युवा नेता और सामाजिक रूप से सक्रिय व्यक्ति थे, निजी वाहन से उपजिला अस्पताल पहुंचाया। दुर्भाग्यवश, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही, रात में ही सत्तासर के सरपंच सुनील मलिक, सरपंच प्रतिनिधि झंझेऊ भागीरथ सिंह, पूर्व सरपंच रतन सिंह, पूर्व सरपंच धीरदेसर समुद्रसिंह, भागसिंह शेखावत, और महावीर सिंह शेखावत अस्पताल पहुंचे और इस दुखद दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया।
गांव में घटना की सूचना रात को ही दे दी गई थी, लेकिन परिजनों को इस दुखद समाचार से सुबह अवगत कराया गया। जैसे ही यह खबर विक्रमसिंह के गांव सत्तासर पहुंची, पूरे गांव में मातम पसर गया। आड़सर, मोमासर सहित आसपास के अनेक गांवों में भी लोग स्तब्ध हैं।
प्रातः काल खबर फैलते ही, बड़ी संख्या में लोग अस्पताल की ओर पहुंचने लगे हैं, जहां शोक संतप्त परिवार और शुभचिंतकों की भीड़ जमा हो रही है। यह घटना क्षेत्र में एक गहरे सदमे के रूप में महसूस की जा रही है।