श्रीडूंगरगढ़ ONE 17 दिसंबर 2025। सोलर कंपनियों ने क्षेत्र में अंधाधुंध खेजड़ी के पेड़ काट कर जड़ से उखाड़ डाले है। मंगलवार रात गांव मोमासर से धीरदेसर के कच्चे रास्ते पर खेजड़ी के 29 हरे पेड़ काट डालने का मामला सामने आया। ग्रामीण युवाओं के मौके पर पहुंचने व जमकर आक्रोश जताने के बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और मौका रिपोर्ट ली।
यहां पड़ौसी खेत मालिकों ने बताया कि गांव मोमासर से करीब दो ढाई किलोमीटर दूर धीरदेसर मार्ग पर एक सोलर प्लांट लगाने की तैयारी है। सोलर कंपनी ने यहां करीब 150 बीघा जमीन ली है। अब इस पर पेड़ काटने का कार्य किया जा रहा है। गांव के बीरबल पूनियां, मनीराम सारण, हेमराज जाखड़, लक्ष्मण पूनियां, बाबूलाल पूनियां सहित अनेक युवाओं ने कड़ी आपत्ति जताई। बीरबल पूनियां ने बताया कि मौके पर 16 खेजड़ी पेड काटे हुए पड़े है और 13 यहां से काट कर उठा ली गई है। वन विभाग के सहायक वन संरक्षक सत्यपाल सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर चार सदस्यों की टीम को मौके पर भेजा गया। राजस्व भूमि होने के कारण आगामी कार्रवाई राजस्व विभाग द्वारा की जाएगी।
जिले भर में खूब काटी खेजड़ियां, पर्यावरणविद् चिंतित।
श्रीडूंगरगढ़ ONE। पूरे पश्चिमी राजस्थान में राज्य वृक्ष की अंधाधुंध कटाई ने पर्यावरण के लिए बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। परंतु ये खेजड़ी कटाई बेलगाम जारी है। जिले भर में सोलर प्लांट के नाम पर अंधाधुंध खेजड़ी के पेड़ काट डाले गए है। पर्यावरण विद् इस पर गहरी चिंता जता रहें है। 2025 में खेजड़ी काटने के अनेक मामले सामने आए। जिले के जयमलसर और कावनी में दस हजार पेड़ काटे, पुगल, बज्जू में अनगिनत खेजड़ियां काटी, लाखूसर में खेजड़ी कटाई का मामला राज्य भर में गूंज उठा। वहीं नोखा में पर्यावरण प्रेमियों ने लंबे समय तक धरना दिया। अनेक ग्रामीण व पर्यावरण प्रेमी लोग खेजड़ी काटे जाने पर सख्त कानून बनाने की मांग करते हुए इसे तुरंत रोके जाने की मांग कर रहे है। वहीं विदित रहें सोलर प्लांट के लिए भी खेजड़ी के वृक्ष काटने की कानूनन अनुमति नहीं है।