अगस्त 2023 में मस्तिष्क आघात के बाद से ही डूडी अचेत थे। उन्हें तत्काल जयपुर ले जाया गया, और फिर दिल्ली के चिकित्सकों की देखरेख में रखा गया। परिजनों ने उन्हें कुछ दिन पहले ही बीकानेर वापस लाने का निर्णय लिया था।
उनके आवास पर ही एक मिनी आईसीयू स्थापित किया गया था, जहां चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही थी। दुर्भाग्यवश, शुक्रवार की रात उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्होंने देर रात लगभग 1 बजे अंतिम सांस ली।
रामेश्वर डूडी का राजनीतिक जीवन नोखा के रायसर गांव से शुरू हुआ था। वे हमेशा किसानों की आवाज बुलंद करते रहे। पंचायत समिति प्रधान से लेकर नेता प्रतिपक्ष तक, उन्होंने राजनीति में कई महत्वपूर्ण पदों को सुशोभित किया। वर्तमान में, उनकी पत्नी सुशीला डूडी नोखा से कांग्रेस विधायक हैं।
उनके निधन की खबर से राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई। केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष बिश्नाराम सियाग, भाजपा जिलाध्यक्ष श्यामसुंदर पंचारिया समेत अनेक नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया। सभी ने एक स्वर में कहा कि राजस्थान ने एक सशक्त और ज़मीनी नेता खो दिया है।
उनके भतीजे अतुल डूडी ने बताया कि अंतिम संस्कार शनिवार दोपहर 1 बजे बीकानेर की जाट बगीची में किया जाएगा। समर्थकों और कार्यकर्ताओं के बीच शोक का माहौल है। रामेश्वर डूडी का जाना, राजस्थान की राजनीति में एक बड़ी रिक्तता छोड़ गया है।