श्रीमती चौधरी ने अपनी युवा टीम के साथ तोलियासर, ठुकरियासर, लिखमादेसर, कुंतासर, रेवाड़ा और धीरदेसर चौटियान गांवों का दौरा किया। उन्होंने इन गांवों में ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी स्थानीय समस्याओं के बारे में जानकारी हासिल की।
अपनी यात्रा के दौरान, श्रीमती चौधरी लिखमादेसर के हंसोजी धाम भी गईं, जहाँ उन्होंने महंत भंवरनाथजी से आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने सरपंच प्रतिनिधि राधेश्याम सिद्ध और अन्य ग्रामीणों के साथ गांव की जरूरतों पर चर्चा की।
कुंतासर में, उन्होंने प्रभुराम जांगू के निवास पर जाकर उनके पिता के निधन पर शोक व्यक्त किया और परिवार को सांत्वना दी।
इसके बाद, श्रीमती चौधरी धीरदेसर चोटियान में चल रहे धरने में शामिल हुईं और धरने को अपना पूर्ण समर्थन दिया।
अपनी यात्रा के दौरान श्रीमती चौधरी ने तोलियासर में सरपंच प्रतिनिधि गिरधारीसिंह और ठुकरियासर में सरपंच ओमप्रकाश गांधी और पूर्व सरपंच लालचंद सहित कई ग्रामीणों से मुलाकात की। उन्होंने इन मुलाकातों में गांवों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की और उनके समाधान के लिए संभावित उपायों पर विचार किया।
श्रीमती चौधरी की यह ग्रामीण यात्रा क्षेत्र के लोगों के साथ जुड़ने और उनकी समस्याओं को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह देखना दिलचस्प होगा कि भविष्य में इस यात्रा के क्या परिणाम निकलते हैं।