रेगिस्तान की शांत रातों में अक्सर खामोशी पसरी रहती है, लेकिन कभी-कभी यह खामोशी किसी अनहोनी का संकेत भी देती है। ऐसा ही कुछ सेरूणा थाना क्षेत्र के गांव भोजास में हुआ, जहां एक बंद पड़े मकान में चोरों ने सेंध लगाकर दस्तक दी।
कलकत्ता में बसे बजरंगसिंह राजपुरोहित का घर, जो फिलहाल वीरान था, चोरों की नज़र में आ गया। बीती रात, अज्ञात चोरों ने सूने मकान को अपना निशाना बनाया। घर की अलमारी और संदूक के ताले टूटे हुए मिले, मानो किसी ने उनकी निजता भंग कर दी हो।
घटना की सूचना मिलते ही सेरूणा थानाधिकारी पवन शर्मा और हैड कांस्टेबल आवड़दान, अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बारीकी से मुआयना किया और साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया। हर छोटा-बड़ा निशान, हर टूटा हुआ ताला, मानो कहानी कह रहा था – एक ऐसी कहानी, जो दुख और अफसोस से भरी थी।
बजरंगसिंह राजपुरोहित, जो इस घटना के समय पाली में एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने गए थे, गुरुवार की शाम को सेरूणा थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई और रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि चोर, घर से कुछ नकद रुपए, एक सोने की आड और चांदी की पायल के साथ लगभग 20-25 हजार की नकदी भी ले गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, जांच अधिकारी एएसआई महेंद्र सिंह और बीकानेर से एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) टीम, शुक्रवार की सुबह घटनास्थल पर पहुंचने वाले हैं। वे मामले की गहन जांच करेंगे, ताकि इस चोरी की गुत्थी को सुलझाया जा सके।
यह घटना एक बार फिर सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम अपने घरों और अपनों को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त प्रयास कर रहे हैं? क्या हमारी सतर्कता ही हमारी सबसे बड़ी सुरक्षा नहीं है?