श्रीडूंगरगढ़, 7 अक्टूबर 2025। जीवन में दुख और पीड़ा किसी भी परिवार पर आ सकती है, और ऐसे समय में समाज का यह दायित्व है कि वह एकजुट होकर उस परिवार का सहारा बने। विधायक ताराचंद सारस्वत ने इसी भावना को व्यक्त करते हुए कहा कि दुख और पीड़ा को बांटने से वह कम हो जाती है।
यह बात उन्होंने उस अवसर पर कही जब वे मुन्नीराम मोट के परिवार को सहायता राशि सौंप रहे थे। मुन्नीराम कुछ दिन पहले करंट लगने से घायल हो गए थे। विधायक ने कहा कि समाज में समभाव और समरसता का विकास बहुत ज़रूरी है।
विधायक ने पीड़ित मुन्नीराम के भाई, उदरासर निवासी परमाराम मोट को सहायता राशि सौंपी और इसे मानवता और संवेदनशीलता का प्रतीक बताया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बृजलाल तावणियां भी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि इस मामले में एक धरना प्रदर्शन हुआ था, जिसके बाद परिवार के साथ समझौते में बृजलाल तावणियां ने महत्वपूर्ण मध्यस्थता की भूमिका निभाई थी। सूत्रों के अनुसार, संघ के प्रतिनिधि पंकज ओझा, बृजलाल तावणियां और कोजुराम सारस्वत ने हादसे के बाद से ही लगातार पीड़ित परिवार, विधायक कार्यालय और प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क बनाए रखा। इन सदस्यों ने परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने में पूरी सक्रियता से कार्य किया।
परिवार ने विधायक ताराचंद सारस्वत और संघ के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उनकी इस मदद से परिवार को एक संबल मिला है, और यह दिखाता है कि समाज में अभी भी इंसानियत ज़िंदा है, जो दुख की घड़ी में एक-दूसरे का सहारा बनती है। यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि कैसे हम सब मिलकर एक बेहतर और संवेदनशील समाज का निर्माण कर सकते हैं।