श्रीडूंगरगढ़, 31 अक्टूबर 2025। नगरपालिका द्वारा ठेला रेहड़ी संचालकों को हटाने के विरोध में प्रदर्शन हुआ, जिसमें स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के दो युवा नेता, मुकेश ज्याणी और गौरव टाडा, भी शामिल थे। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस ने बुधवार को दोनों नेताओं को गिरफ्तार कर लिया।
इस गिरफ्तारी की खबर फैलते ही विरोध के स्वर उठने लगे। पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया, किसान सभा और एसएफआई के समर्थक गिरफ्तारी के विरोध में एकजुट हो गए। उन्होंने अपनी असहमति दर्ज कराई और नेताओं की रिहाई की मांग की।
गुरुवार को दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। फिर, शुक्रवार को बीकानेर स्थित अनुसूचित जाति व जनजाति कोर्ट से उन्हें रिहा कर दिया गया। जैसे ही वे रिहा होकर लौटे, पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया ने समर्थकों के साथ उनका फूलमालाओं से स्वागत किया।
इस मौके पर पूर्व विधायक महिया ने सत्ता के खिलाफ संघर्ष का नारा बुलंद किया। उन्होंने कहा कि “तानाशाही ताकतों” के विरोध में और श्रमिक, मजदूर तथा आमजन के हित में संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने अपने समर्थकों को एकजुट होकर अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान किसान सभा के जिला सचिव जेठाराम लाखुसर, सरपंच सुनील मेघवाल, सत्तुनाथ सिद्ध, गिरधारी जाखड़, मुखराम नायक सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। सभी ने मिलकर “इंकलाब जिंदाबाद” के नारे लगाए, जो विरोध और संघर्ष की भावना को दर्शाते हैं।