डूंगरगढ़ one 23 दिसम्बर, 2025 श्रीडूंगरगढ़। राजकीय महारानी सुदर्शन कन्या महाविद्यालय, बीकानेर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की इकाई प्रथम व इकाई द्वितीय के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे सात दिवसीय विशेष शिविर के द्वितीय दिवस का शुभारंभ मंगलवार को माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं स्वयंसेवकों द्वारा “हे शारदे माँ” प्रार्थना के साथ हुआ।
प्रथम सत्र में हार्टफुलनेस सेवा संस्थान के को-ऑर्डिनेटर ओमप्रकाश गोम्बर, वंदना एवं दिव्या ने स्वयंसेवकों को ध्यान करवाया। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि ध्यान किस प्रकार विद्यार्थी जीवन में एकाग्रता, आत्मविश्वास एवं मानसिक संतुलन को मजबूत करता है।
नाश्ते के पश्चात द्वितीय सत्र में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. नवदीप सिंह बैंस ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए शिविर की गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद आपदा प्रबंधन विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। महिला पॉलिटेक्निक महाविद्यालय से आए एस.डी.आर.एफ. टीम के असिस्टेंट कमांडेंट व टीम सदस्यों ने बताया कि आपदा प्रबंधन एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें आपदा से पहले, दौरान और बाद की तैयारी शामिल होती है, ताकि जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।
एस.डी.आर.एफ. टीम ने भूकंप, बाढ़, तूफान व दुर्घटनाओं जैसी स्थितियों में स्वयं एवं दूसरों की जान बचाने के उपायों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। साथ ही प्राथमिक उपचार, जैसे रक्तस्राव रोकने की विधि एवं सीपीआर का भी प्रदर्शन किया गया। टीम में हेड कांस्टेबल बलवीर सिंह, संजय कुमार, श्रवण कुमार, सुभाष कुमार, नाहर सिंह एवं गुरलाल जी शामिल रहे।
तृतीय सत्र में स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय के सहायक आचार्य विवेक व्यास ने नेतृत्व क्षमता, व्यवहार कुशलता, भाषा कौशल एवं नैतिक मूल्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने गतिविधियों के माध्यम से स्वयंसेवकों की नेतृत्व क्षमता का आकलन भी किया।
भोजन के पश्चात चतुर्थ सत्र में आयोजित काव्य पाठ प्रतियोगिता में स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में खुशी सोनी प्रथम, सलोनी भाटी द्वितीय एवं ज्योत्सना तृतीय स्थान पर रहीं।
कार्यक्रम में एनएसएस इकाई प्रथम की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विनोद कुमारी, इकाई द्वितीय के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. हिमांशु कांडपाल, महाविद्यालय के कर्मचारीगण एवं नीतू परिहार उपस्थित रहे।