पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुखपाल सिंह नामक एक युवक अपने भाई से उधार लिए कुछ रुपयों के साथ गाँव लौट रहा था। यह रकम, जो लगभग तीस हजार रुपये बताई जा रही है, उसने अपने भाई उम्मेद सिंह से उधार ली थी। सुखपाल के मन में शायद भविष्य की कुछ योजनाएँ थीं, कुछ सपने थे जिन्हें वह इन रुपयों से साकार करना चाहता था।
लेकिन नियति को कुछ और ही मंज़ूर था। जैसे ही सुखपाल गाँव के रास्ते पर पहुँचा, उसे चार लोगों ने घेर लिया। आरोप है कि इन लोगों ने सुखपाल से शराब के लिए पैसे मांगे। जब सुखपाल ने इनकार किया, तो बात बढ़ गई।
कहा जा रहा है कि आरोपियों ने सुखपाल के साथ मारपीट की। लाठियाँ चलीं और यहाँ तक कि एक कुल्हाड़ी से भी वार किया गया, जिससे सुखपाल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका सिर फट गया और वह लहूलुहान होकर ज़मीन पर गिर पड़ा।
सुखपाल की चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण दौड़ पड़े। उन्होंने सुखपाल को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया। लेकिन तब तक सुखपाल बेहोश हो चुका था।
ग्रामीणों ने तुरंत सुखपाल के भाई को खबर दी और उसे उपजिला अस्पताल पहुँचाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुँच गई।
थानाधिकारी जितेंद्र कुमार स्वामी ने बताया कि सुखपाल सिंह ने गिरधारी, महेंद्र, देबुराम और तारूराम नामक व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और हैड कांस्टेबल बलवीर सिंह को जाँच का जिम्मा सौंपा गया है।
यह घटना एक बार फिर समाज में व्याप्त असुरक्षा और अपराध की ओर इशारा करती है। एक युवक, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए कुछ पैसे लेकर घर लौट रहा था, वह अचानक ही एक हिंसक घटना का शिकार हो गया। अब देखना यह है कि पुलिस इस मामले की तह तक कैसे पहुँचती है और पीड़ित को न्याय कैसे मिलता है।