खबर फैलते ही घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके थे। इसी बीच, एक देवदूत की तरह, साजन बोहरा नामक एक राहगीर, जो उसी मार्ग से गुजर रहे थे, ने अपनी गाड़ी रोकी और घायलों की मदद के लिए दौड़ पड़े।
बताया जाता है कि बोहरा ने बिना किसी देरी के कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर घायलों को कारों से बाहर निकाला। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए, उन्होंने एंबुलेंस का इंतजार नहीं किया और अपनी कार में तीनों गंभीर रूप से घायल लोगों को बीकानेर के ट्रोमा सेंटर पहुंचाया। उन्होंने अस्पताल में घायलों को भर्ती करवाया और फिर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया।
सूत्रों के अनुसार, एक कार में तोलियासर निवासी संपत राजपुरोहित अपने परिवार के साथ किसी चिकित्सीय आपात स्थिति के कारण बीकानेर से वापस लौट रहे थे। इस कार में एक महिला घायल हुई है। वहीं, दूसरी कार में बीकानेर का एक परिवार पूनरासर से दर्शन कर लौट रहा था, जिसके दो सदस्य घायल हो गए।
इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी और मददगार साजन बोहरा ने बताया कि दुर्घटना के समय तेज बारिश हो रही थी और सड़क पर वाहनों की आवाजाही भी काफी अधिक थी।
घटना की सूचना मिलते ही नापासर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
इस बीच, दोनों पीड़ित परिवारों ने साजन बोहरा की त्वरित कार्रवाई और निस्वार्थ सेवा के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। उनकी मानवता और तत्परता ने एक गंभीर स्थिति में उम्मीद की किरण जगाई। यह घटना याद दिलाती है कि मुश्किल समय में इंसानियत ही सबसे बड़ा सहारा होती है।