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अस्पतालों के हाल से बेहाल आमजन

श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में सरकारी अस्पतालों की स्थिति अक्सर चर्चा का विषय बनी रहती है। बुधवार को उपखंड अधिकारी (एसडीएम) शुभम शर्मा ने मोमासर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का औचक निरीक्षण किया। क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को लेकर नागरिकों में व्याप्त चिंता के बीच, यह निरीक्षण महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अस्पताल में डॉक्टरों के कई पद पहले से ही रिक्त हैं, और स्टाफ की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। ऐसे में, निरीक्षण के दौरान चार कर्मचारियों को ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने पर एसडीएम शर्मा ने कड़ी नाराजगी जताई। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने तत्काल प्रभाव से तीन नर्सिंग स्टाफ और एक एएनएम को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।

इसके अतिरिक्त, एसडीएम शर्मा ने अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था पर भी असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने अस्पताल परिसर में कचरा प्रबंधन प्रणाली को दुरुस्त करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने 108 एम्बुलेंस सेवा की जानकारी ली और अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के स्टॉक और उनकी एक्सपायरी तिथियों की भी जांच की।

निरीक्षण के दौरान, ग्रामीणों ने एसडीएम शर्मा को अस्पताल में कार्यरत एक एलडीसी (लोअर डिवीजन क्लर्क) और एक फार्मासिस्ट के अन्यत्र प्रतिनियुक्ति पर होने की जानकारी दी। ग्रामीणों ने अनुरोध किया कि यदि इन कर्मचारियों को उनके मूल पदों पर वापस भेजा जाए, तो अस्पताल के कामकाज में नियमितता आएगी और व्यवस्था में सुधार होगा।

उधर, श्रीडूंगरगढ़ के उपजिला अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने की मांग भी उठ रही है। बुधवार को आरएलपी (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी) नेता डॉ. विवेक माचरा ने अस्पताल का दौरा किया और नियमित रूप से सोनोग्राफी जांच शुरू करने का आग्रह किया।

डॉ. माचरा ने कहा कि सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए करोड़ों रुपये की योजनाएँ चलाई जा रही हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को उनका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि सोनोग्राफी मशीन और प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध होने के बावजूद, सप्ताह में केवल तीन दिन सोनोग्राफी की सुविधा होने से मरीजों को राहत नहीं मिल रही है। मरीजों को बाहर से सोनोग्राफी करवानी पड़ रही है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

डॉ. माचरा ने मांग की कि अस्पताल में सुविधा उपलब्ध होने पर रोजाना सोनोग्राफी की जानी चाहिए ताकि आम जनता को राहत मिल सके। उन्होंने इस संबंध में उच्च अधिकारियों से फोन पर बात की और जल्द ही सोनोग्राफी नियमित रूप से शुरू करने का अनुरोध किया। दौरे के दौरान, डॉ. माचरा ने विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया, मरीजों का हालचाल जाना और उनके परिजनों से अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली।

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