श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में युवतियों के अचानक घर से लापता होने की घटनाओं ने चिंता की लकीरें गहरी कर दी हैं। परिवारों में बेचैनी है और एक अनजाना डर व्याप्त है। आए दिन ऐसी खबरें आ रही हैं जो मन को झकझोर देती हैं।
इसी क्रम में, बिग्गाबास से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। किसनादेवी नामक एक माँ, अपनी गृहस्थी चलाने के लिए सुबह-सुबह खेत पर गईं। उन्हें क्या पता था कि पीछे से उनकी दुनिया ही बदल जाएगी। जब वे लौटीं, तो उनकी 20 वर्षीय बेटी बबली घर पर नहीं थी।
एक माँ के लिए यह वज्रपात से कम नहीं था। कलेजा मुंह को आ गया। उन्होंने आसपास खोजबीन की, रिश्तेदारों से पूछताछ की, पर बबली का कोई सुराग नहीं मिला। अंततः, व्याकुल और निराश किसनादेवी श्रीडूंगरगढ़ थाने पहुंचीं। उन्होंने पुलिस के सामने अपनी व्यथा सुनाई और अपनी बेटी को ढूंढने की गुहार लगाई।
किसनादेवी ने पुलिस को बताया कि 6 नवंबर की सुबह लगभग 5:30 बजे, जब उनके पति घर में सो रहे थे, वे खेत के लिए रवाना हो गई थीं। खेत पहुंचने पर उन्हें खबर मिली कि उनकी 20 वर्षीय बेटी बबली घर से कहीं चली गई है।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है। जांच का जिम्मा हेड कांस्टेबल देवाराम को सौंपा गया है, जो मामले की गंभीरता से पड़ताल कर रहे हैं।
यह घटना श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में पहले से ही व्याप्त चिंता को और बढ़ा देती है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्या वजह है कि युवतियां अचानक लापता हो रही हैं? क्या कोई अनहोनी घट रही है? पुलिस प्रशासन पर इन घटनाओं को रोकने और लापता युवतियों को सुरक्षित ढूंढने का दबाव बढ़ गया है। इस बीच, हर परिवार में एक डर का साया मंडरा रहा है।