श्रीडूंगरगढ़, 28 सितंबर 2025। सिद्ध रूस्तम जी की पवित्र तपोभूमि आज आस्था के रंग में सराबोर हो गई। देव जसनाथजी महाराज के अंतर्ध्यान दिवस पर हजारों श्रद्धालु दर्शनों के लिए उमड़ पड़े, मानो श्रद्धा का सागर हिलोरे मार रहा हो।
सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों का तांता लगा रहा, हर कोई जसनाथजी महाराज के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करने को आतुर था। वातावरण भक्तिमय संगीत और मंत्रों से गुंजायमान था, जो मन को शांति और सुकून प्रदान कर रहा था।
बीती रात यहाँ एक भव्य जागरण का आयोजन किया गया, जिसमें परंपरागत सबद गायन के साथ अग्नि नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति हुई। कलाकारों ने अपनी कला से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं हजारों श्रद्धालु पूरी रात जागरण में लीन रहे।
यह आयोजन गांव अमृतवासी और आलसर बास राजलदेसर के बीच स्थित रूस्तम धोरा प्रांगण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विधायक ताराचंद सारस्वत, रतनगढ़ विधायक पुसाराम गोदारा और पूर्व विधायक अभिनेष महर्षि मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
महंत भंवरनाथजी के सान्निध्य में आयोजित समारोह में विधायक ताराचंद ने बिग्गाबास रामसरा से रूस्तम धोरा तक सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। उन्होंने इस कार्य को शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया, जिससे श्रद्धालुओं को आने-जाने में सुविधा होगी।
वहीं, रतनगढ़ विधायक पुसाराम गोदारा ने रूस्तम धोरा पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति की व्यवस्था करवाने की घोषणा की, जिससे यहाँ प्रकाश और अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। गोदारा ने चूरू सांसद राहुल कस्वां की ओर से टिन शेड के लिए 11 लाख रुपये का कार्य करवाने की भी घोषणा की, जो श्रद्धालुओं को धूप और बारिश से बचाएगा।
जागरण के साथ-साथ महाप्रसादी का भी आयोजन किया गया, जिसमें लिखमादेसर निवासी जगन्नाथ सिद्ध और प्रभुनाथ सिद्ध का विशेष सहयोग रहा।
महेंद्र बिडासरा ने बताया कि रूस्तम धोरा ट्रस्ट के अध्यक्ष पोकरनाथ सिद्ध बीदासर, उपाध्यक्ष मोहननाथ आलसर बास, कोषाध्यक्ष काननाथ मूंड जोगलिया, मंत्री जिज्ञासु सिद्ध बेनीसर सहित कार्यकारिणी के सभी सदस्य कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय रहे। अध्यक्ष पोकरनाथ ने सभी आगंतुकों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।
रूस्तम धोरा पर उमड़ा यह श्रद्धा का सैलाब न केवल जसनाथजी महाराज के प्रति लोगों की आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह हमारी संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान और प्रेम का भी परिचायक है। यह आयोजन हमें एक साथ आने और अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा देता है।