यह कार्यशाला, जो कि ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष विनोदगिरी गुसाईं के नेतृत्व में आयोजित की गई, आत्मनिर्भर भारत के विचार को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम थी। श्री गुसाईं ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विकसित भारत का स्वप्न तभी साकार हो सकता है जब देश का प्रत्येक नागरिक स्वदेशी वस्तुओं को अपनाए। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा, “आत्मनिर्भर भारत का मार्ग स्वदेशी से होकर गुजरता है। हम सभी को यह संकल्प लेना होगा कि विदेशी वस्तुओं के बजाय देशी उत्पादों को प्राथमिकता देंगे।”
देहात मंडल अध्यक्ष महेंद्रसिंह लखासर ने कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को देश की आत्मा बताया। उन्होंने कहा, “आज के आर्थिक युग में हमें अपने संसाधनों, अपने उत्पादों और अपनी मेहनत पर गर्व करना चाहिए। मजबूत भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब हम आत्मनिर्भर बनेंगे।”
कार्यशाला में झंझेऊ सरपंच भागीरथसिंह तंवर, मंडल महामंत्री नौरंगनाथ सिद्ध, राजेंद्रसिंह, उत्तमनाथ सिद्ध, दानाराम महिया, जोराराम बरोड़, सीताराम कल्याणसर, गणेशसिंह राजपुरोहित, और भगवानसिंह लखासर सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर, सभी कार्यकर्ताओं ने स्वदेशी अपनाने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान देने का दृढ़ संकल्प लिया। इस कार्यशाला ने श्रीडूंगरगढ़ में आत्मनिर्भरता की भावना को जागृत किया और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक मंच प्रदान किया।