श्रीडूंगरगढ़, 24 अक्टूबर 2025। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को श्रीडूंगरगढ़ अंचल में भाई दूज का पर्व बड़ी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस पर्व के साथ ही पांच दिनों तक चलने वाला दीपोत्सव भी संपन्न हो गया।
गुरुवार की सुबह, बहनें अपने भाइयों के घर पहुंचीं। उन्होंने अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया और उनकी लंबी उम्र के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। घरों में उत्साह और प्रेम का वातावरण छाया रहा। भाइयों ने भी अपनी बहनों को स्नेह के प्रतीक के रूप में उपहार दिए।
भाई दूज का यह पर्व यमराज और उनकी बहन यमुना के पावन रिश्ते से जुड़ा है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर भोजन करने गए थे, जिससे यमुना बहुत प्रसन्न हुईं। इसलिए, इस दिन को यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है और भाई-बहन के प्रेम के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
इसी दिन, गुरुवार की सुबह गोवर्धन पूजा भी संपन्न हुई। महिलाओं ने अपने घरों के सामने गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत का रूप बनाया और विधि-विधान से उसकी पूजा की। उन्होंने पूरे वर्ष अपने बच्चों के उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली के लिए मंगलकामनाएं कीं। यह त्योहार प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करने का एक सुंदर अवसर है।