परिवादी मोहनलाल की ओर से अधिवक्ता दिनेश सोनी ने न्यायालय में अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने मोहनलाल से कुल 109 ग्राम सोना और 28.74 ग्राम के स्वर्ण आभूषण हड़पे हैं।
इस मामले में अपर लोक अभियोजक सोहन नाथ सिद्ध ने न्यायालय में आरोपियों की जमानत याचिका का विरोध करते हुए इसे अस्वीकार करने का आग्रह किया।
अपर जिला जज (एडीजे) सरिता नौशाद ने दोनों पक्षों की दलीलें ध्यानपूर्वक सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया। उन्होंने श्रवणकुमार और बाबुलाल की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
यह ध्यान देने योग्य है कि आरोपियों की पूर्व में भी इसी मामले में अग्रिम जमानत याचिका दायर की गई थी, जिसे न्यायालय ने पहले ही खारिज कर दिया था। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर से इस मामले को सुर्खियों में ला दिया है और यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे इस मामले में क्या मोड़ आता है।