श्रीडूंगरगढ़, 8 अक्टूबर, 2025। अपर सेशन न्यायाधीश (एडीजे) सरिता नौशाद की अदालत ने स्वर्ण हड़पने के दो अलग-अलग मामलों की सुनवाई के बाद दो सगे भाइयों को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत के इस फैसले से आरोपियों को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है।
पहले मामले में, श्रवण कुमार नामक व्यक्ति ने अग्रिम जमानत के लिए न्यायालय में याचिका दायर की थी। उस पर आरोप है कि उसने अपने पिता, मदनलाल के साथ मिलकर सूर्यप्रकाश सोनी नामक एक व्यक्ति से लगभग 19 लाख 50 हजार रुपए मूल्य का सोना हड़प लिया था। परिवादी पक्ष के अधिवक्ता मोहनलाल सोनी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका का विरोध किया। अपर लोक अभियोजक सोहन नाथ सिद्ध ने भी अदालत में इस मामले की गंभीरता को रेखांकित किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद श्रवण कुमार की अग्रिम जमानत याचिका को अस्वीकार कर दिया।
इसी तरह, दूसरे मामले में श्रवण कुमार और उसके भाई बाबूलाल, दोनों पुत्र मदनलाल, ने भी अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था। अधिवक्ता मोहनलाल सोनी के अनुसार, इस मामले में मुकेश नामक व्यक्ति से आरोपियों ने विश्वास में लेकर 95 ग्राम सोना हड़प लिया था। अपर लोक अभियोजक सोहन नाथ सिद्ध और परिवादी पक्ष के अधिवक्ता मोहनलाल सोनी ने अदालत से आरोपियों को जमानत नहीं देने का आग्रह किया।
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद, एडीजे सरिता नौशाद ने स्वर्ण हड़पने के दोनों मामलों में आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। अदालत का यह फैसला इन मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इन मामलों में आगे क्या घटनाक्रम होता है।