महानवमी के अवसर पर समाज द्वारा एक भव्य जुलूस और कलश यात्रा का आयोजन किया गया। यह जुलूस मंदिर परिसर से आरंभ हुआ और शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ वापस मंदिर पर आकर संपन्न हुआ। जुलूस में सजी आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
शिव तांडव ग्रुप के कलाकारों ने अपनी नृत्य प्रस्तुति से वातावरण को भक्तिमय बना दिया, वहीं बलशाली हनुमान की झांकी ने दर्शकों को शक्ति और आस्था का संदेश दिया। महिलाओं और युवतियों ने सिर पर कलश धारण कर माता के भजनों पर जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण देवी के रंग में रंग गया। जुलूस रानी बाजार और घास मंडी रोड से होता हुआ मुख्य मार्गों से गुजरा, जहाँ श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
मंदिर परिसर में पूरे नौ दिनों तक कीर्तन, प्रसाद वितरण और कन्या भोज जैसे धार्मिक आयोजन संपन्न हुए। इन आयोजनों में समाज के सभी वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
श्रीमैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश कड़ेल ने नवरात्र महोत्सव के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी समाज बंधुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह पर्व समाज में एकता, प्रेम और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देता है।
यह नवरात्र महोत्सव श्रीडूंगरगढ़ में भक्ति और उल्लास का एक ऐसा अद्भुत संगम था, जो लोगों को लंबे समय तक याद रहेगा।