इस शिविर में चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. दीपिका के नेतृत्व में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी गजेंद्र सिंह, लैब टेक्नीशियन मुकेश कुमार, एएनएम वीणा सिरोही और आशा सहयोगिनी मनोज ने अपनी सेवाएं दीं। इन सभी ने मिलकर मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया और उनकी समस्याओं को सुना।
गांव के सरपंच ने इस शिविर की व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी देखरेख में आयोजित इस शिविर में कुल 225 मरीजों ने अपनी ओपीडी दर्ज कराई। शिविर में आए लोगों के रक्तचाप (बीपी), शुगर और एनीमिया की जांच की गई और उन्हें उचित सलाह दी गई।
गांव के लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर नियमित अंतराल पर लगने चाहिए, ताकि उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जानकारी मिलती रहे और बीमारियों का पता समय रहते चल सके। यह शिविर न केवल स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बना, बल्कि गांव के लोगों के बीच एक संवाद का मंच भी साबित हुआ, जहाँ उन्होंने अपनी स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को साझा किया और समाधान पाए। ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान की यह पहल निश्चित रूप से श्रीडूंगरगढ़ में स्वास्थ्य के प्रति एक नई चेतना जगाने का काम कर रही है।